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भैय्यूजी महाराज ने अन्ना से लेकर मोदी तक का तुड़वाया था अनशन, जानें इनके रसूख के बारे में

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 12, 2018 06:10 pm IST,  Updated : Jun 12, 2018 06:10 pm IST

इंदौर के उनके आश्रम का दौरा करने वाले लोगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विलासराव देशमुख, प्रतिभा पाटिल, उद्धव एवं राज ठाकरे, लता मंगेशकर और आशा भोंसले शामिल थे...

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अन्ना हजारे और नरेंद्र मोदी के साथ भैय्यूजी महाराज

मुंबई: इंदौर में आज खुदकुशी करने वाले अध्यात्मिक गुरु भैय्यूजी महाराज के प्रशंसकों में बहुत सारे नेता शामिल थे। उनका असली नाम उदयसिंह देशमुख था और उनके अनुयायी उन्हें भैय्यूजी महाराज के नाम से बुलाते थे। वह 2016 में जब एक सड़क हादसे में घायल हुए थे तब उनसे मिलने आए लोगों में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गुजरात की तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल शामिल थे। इससे 50 साल के अध्यात्म गुरू के रसूख और नेताओं के बीच उनकी लोकप्रियता का पता चलता है। भैय्यू महाराज मॉडल से अध्यात्मिक गुरु बने थे।

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले मध्यप्रदेश सरकार ने 5 धार्मिक नेताओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था जिसमें भैय्यूजी महाराज भी शामिल थे। सरकार के इस कदम के बाद विवाद खड़ा हो गया था। विवाद के बाद भैय्यूजी ने घोषणा की थी कि वह राज्यमंत्री दर्जे का कोई लाभ नहीं लेंगे और ‘‘एक संत के लिए पद का कोई महत्व नहीं होता।’’

इंदौर के उनके आश्रम का दौरा करने वाले लोगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विलासराव देशमुख, प्रतिभा पाटिल, उद्धव एवं राज ठाकरे, लता मंगेशकर और आशा भोंसले शामिल थे।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि भैय्यू महाराज को राज्य में किए गए उनके सामाजिक कार्यों के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘उनसे बहुत सारे राजनीतिक लोग मिलते थे। वह एक आध्यात्मिक व्यक्ति थे जिन्होंने लोगों को अच्छाई के लिए प्रेरित किया था। वह अकसर महाराष्ट्र आते थे और बहुत सारे लोगों से मिलते थे एवं सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए थे।’’

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भैय्यूजी महाराज का जन्म 1968 में मध्य प्रदेश के सुजलपुर में जमींदार परिवार में हुआ था। नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जब ‘सद्भावना उपवास’ किया था तब उन्होंने भैय्यू महाराज को आमंत्रित किया था। 2011 में तत्कालीन संप्रग सरकार ने उन्हें लोकपाल के मुद्दे को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में उपवास कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को उपवास खत्म करने के लिए मनाने की खातिर मध्यस्थ नियुक्त किया था।

पिछले साल वह तब विवादों में आ गए थे जब उनकी शादी वाले दिन एक महिला ने उनपर उसे ‘‘धोखा देने’’ का आरोप लगाया था और उन्हें ‘‘चालबाज’’ कहा था। महिला ने खुद के अभिनेत्री होने का दावा किया था। भैय्यू महाराज ने पिछले साल इंदौर में शिवपुरी की रहने वाली डॉ. आयुषी शर्मा से शादी की थी। इससे एक साल पहले उन्होंने सार्वजनिक जीवन से संन्यास लेने का इरादा जताया था। उनकी पहली पत्नी माधवी का 2010 में निधन हो गया था।

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