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अब टाटा केमिकल्स के डायरेक्टर भास्कर भट ने भी दिया इस्तीफा

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 11, 2016 01:57 pm IST,  Updated : Nov 11, 2016 01:57 pm IST

टाटा केमिकल्स ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी के नॉन एक्जिक्यूटिव और नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भास्कर भट ने कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है।

bhaskar bhatt resigns from tata chemicals- India TV Hindi
bhaskar bhatt resigns from tata chemicals

मुंबई: टाटा केमिकल्स ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी के नॉन एक्जिक्यूटिव और नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भास्कर भट ने कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग में इसका कोई कारण नहीं दिया गया। भास्कर का इस्तीफा गुरुवार को इस वित्तीय वर्ष के दूसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा के दौरान चेयरमैन सायरस मिस्त्री पर टाटा केमिकल्स के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के भरोसा जताने के बाद आया है।

भट टाइटन कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं और उन्होंने चार नवंबर को हितधारकों को दूसरी तिमाही के परिणामों की जानकारी दी थी। वह टाटा समूह की कई अन्य कंपनियों के बोर्ड के सदस्य भी हैं।

कुछ दिन पहले साइरस मिस्त्री ने देखा था बाहर का रास्ता

कुछ दिनों पहले टाटा संस ने साइरस मिस्त्री को अपने चेयरमैन पद से हटा दिया था। मिस्त्री को हटाने का निर्णय यहां टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक के बाद किया गया था। 48 वर्षीय मिस्त्री की जगह 78 वर्षीय रतन टाटा को कंपनी के अंतरिम चेयरमैन पद की जिम्मेदारी दी गई है। मिस्त्री ने 4 साल पहले इस विशाल कंपनी समूह के मुखिया का पद रतन टाटा से ही संभाला था। टाटा समूह नमक से लेकर सॉफ्टवेयर और इस्पात से लेकर वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में काम करता है। देश-विदेश में फैले इस समूह का एकीकृत कारोबार 100 अरब डॉलर सालाना से ज्यादा है।

टाटा समूह के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री द्वारा गठित समूह कार्यकारी परिषद को भंग किए जाने के कुछ दिन बाद एन.एस. राजन ने समूह की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड और निर्मल्या कुमार ने टाटा केमिकल्स के निदेशक मंडलों से इस्तीफा दे दिया था।

टाटा संस ने मिस्त्री को हटाने का कारण नहीं बताया। उन्होंने बहुत धूमधड़ाके के साथ कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी पर माना जा रहा है कि घाटे में चल रही कंपनियों को छांटने और केवल लाभ देने वाले उपक्रमों पर ही ध्यान देने के उनके दृष्टिकोण से कंपनी में अप्रसन्नता थी।

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