पटना: बिहार में बहुचर्चित टॉपर्स घोटाले की आरोपी रूबी राय ने उत्तर पुस्तिका में प्रश्नों का उत्तर खुद नहीं लिखा था। उसकी कॉपी किसी अन्य ने लिखी थी। यह खुलासा फॉरेंसिंक जांच में हुआ है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में रूबी की लिखावट नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि जिस उत्तर पुस्तिका में कथित रूप से रूबी ने उत्तर लिखे थे, वह उत्तर पुस्तिका भी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) द्वारा जारी नहीं की गई है।
घोटाला उजागर होने के बाद पुलिस ने बीएसईबी से रूबी की कॉपी लेकर फॉरेसिंक जांच के लिए भेजी थी। नमूने के लिए पुलिस ने उसके घर से नोट बुक भी लिया था, जिसमें रूबी की लिखावट थी। अब रिपोर्ट आने के बाद यह साबित हो गया है कि रूबी की कॉपी किसी दूसरे ने लिखी थी।
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मनु महाराज ने बताया कि इंटर आर्ट्स की टॉपर रही रूबी की अंग्रेजी, हिंदी, राजनीतिशास्त्र, म्यूजिक व गृह विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाएं फॉरेंसिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी गई थी।
बिहार में इस वर्ष 12वीं (इंटर) की परीक्षा में कला संकाय में टॉपर रही रूबी कुमारी और विज्ञान संकाय में टॉपर रहे सौरव श्रेष्ठ का विषय और विशेष ज्ञान से संबंधित साक्षात्कार टीवी चैनलों पर प्रसारित किए जाने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ था।
इसके बाद समिति ने विशेषज्ञों की एक टीम बनाई थी और 14 टॉपरों का साक्षात्कार लिया था। विशेषज्ञों द्वारा लिए गए साक्षात्कार के बाद विज्ञान संकाय के टॉपर्स बने सौरभ श्रेष्ठ और राहुल कुमार तथा कला संकाय की टॉपर रूबी कुमारी का परीक्षा परिणाम रद्द कर दिया गया था।
इस मामले में छह जून को कोतवाली थाने में रूबी राय सहित अन्य टॉपरों को आरोपित बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में रूबी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। अदालत से बाद में उसे जमानत मिल गई। मामला उजागर होने के बाद पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है।