देहरादून: उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार गिराने के लिए भाजपा द्वारा 700 करोड़ रुपए खर्च किए जाने संबंधी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के आरोपों को पार्टी को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए भाजपा ने गुरुवार को कहा कि दल ने इस संबंध में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन के माध्यम से यहां जारी एक बयान में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा, उपध्याय की ओर से कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए द्वारा भाजपा पर 700 करोड़ रुपए खर्च करने के आरोपों को पार्टी ने गंभीरता से लिया है और इस संबंध में उन्हें मानहानि नोटिस भेजा जा रहा है।
भट्ट ने कहा, किशोर उपाध्याय अपना आरोप वापस लेने के साथ ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगे अन्यथा उन्हें मानहानि के मुकदमे का सामना करना पडेगा। उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस नेताओं ने भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े कांड कर प्रदेश को शर्मसार किया है और वहीं दूसरी ओर वे आधारहीन आरोप लगा कर भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
भटट ने कहा कि कांग्रेस पर भाजपा के आरोपों के प्रमाण सीडी में जनता भी देख चुकी है लेकिन उपाध्याय सहित कांग्रेस के अन्य नेता भाजपा पर जो आरोप लगा रहे हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। भाजपा नेता ने हरीश रावत सरकार से राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्यपाल कृष्णकांत पाल द्वारा लिए गए नीतिगत निर्णयों को न बदलने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा अवैध खनन और शराब संबंधी लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के अच्छे परिणाम आ रहे हैं और उन्हें नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें बदला गया तो भाजपा इसका विरोध करेगी। उन्होंने विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त वाले मुख्यमंत्री रावत के स्टिंग सीडी की जांच कर रही सीबीआई से रावत सरकार के शासनकाल में आए सभी स्टिंग आपरेशनों की जांच करने का भी अनुरोध किया।
भट्ट ने आयकर विभाग से भी स्टिंग ऑपरेशनों में सामने आये नामों की जांच करने का अनुरोध करते हुए कहा कि आयकर विभाग को इन गंभीर मामलों का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए क्योंकि यह मामला अघोषित व गलत ढंग से पैसा कमाने व उसे बांटने से जुड़ा है।