श्रीनगर: कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि राज्य के असंतुष्ट लोगों को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के रूप में एक नया आदर्श मिल गया है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि बुरहान वानी ने सोशल मीडिया से जितनी संख्या में युवकों को आतंकवाद में शामिल होने के लिए आकर्षित किया था, उससे कहीं ज्यादा युवक उसकी मौत के बाद आतंकवाद की तरफ बढ़ सकते हैं।
उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘मेरी बात याद रखिये, बुरहान की कब्र में जाने के बाद लोगों को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करने की क्षमता उसके सोशल मीडिया पर इस दिशा में किए गए प्रयासों से कहीं ज्यादा होगी।’
नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने कहा, कई वर्षों के बाद, मैंने श्रीनगर में मेरे इलाके की मस्जिद से आजादी के नारे सुने। कश्मीर के असंतुष्ट लोगों को कल एक नया आदर्श मिल गया। कल उमर ने कहा था कि बुरहान हथियार उठाने वाला पहला व्यक्ति नहीं था, वह अंतिम व्यक्ति भी नहीं होगा क्योंकि कश्मीर का मुद्दा एक राजनीतिक समस्या है, जिसका समाधान राजनीतिक तरीके से ही किए जाने की जरूरत है।
शुक्रवार को यहां से 83 किलोमीटर दूर कोकेरनाग इलाके में सुरक्षा बलों ने हिज्बुल मुजाहिदीन के 21 वर्षीय पोस्टर बॉय वानी को उसके दो साथियों के साथ मार गिराया था।