बीएस-3 वाहनों पर भारी छूट की ख़बर फ़ैलते ही शहरों के शोरूमों पर पिछले दो दिन ख़रीदारों का सैलाब उमड़ पड़ा है। आलम ये था कि ख़रीदार इतनी अधिक संख्या में पहुंचे कि शोरूम में वाहनो का स्टॉक ही ख़त्म हो गया शोरूम संचालकों को शटर डाउन करने पड़े। शोरूम संचालकों के मुताबिक मंदी के बावजूद ऐसी भीड़ तो दीपावली, धनतेरस या अन्य खास त्योहारों के मुहूर्त में भी देखने को नहीं मिलती।
गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को शोरूमों पर दो गुना भीड़ रही। शुक्रवार को सबसे अधिक भीड़ ग्रामीण क्षेत्रों की नजर आई। लेट सूचना मिलने से गांव के लोग शुक्रवार को भारी संख्या में उमड़ पड़े।
80 प्रतिशत कैश में हुआ भुगतान
बीएस-3 वाहनों की खरीदारी में सबसे अधिक कैश में भुगतान हुआ है और सिर्फ 20 फ़ीसद ख़रीदारों ने ही चैक या डिजिटल ट्रांजेक्शन के ज़रिए वाहन ख़रीदे। बताया जा रहा है कि 80 फीसदी लोगों ने वाहनों की खरीदारी में नकद रुपयों का भुगतान किया है।
शहरी और ग्रामीण खरीदारी 60-40 फीसदी रहे
वाहनों की सबसे अधिक खरीदारी शहरी क्षेत्र के लोगों ने की है। शोरूम संचालकों के मुताबिक शहरी क्षेत्र के लोगों ने करीब 60 फीसदी वाहनों की खरीदारी की है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के बीच हुई है।
ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक अप्रैल से बीएस-3 मॉडलों के वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी है जिसके कारण कंपनियों ने मौजूदा स्टाक को छूट पर बेचने का फ़ैसला किया है। कार पर 20 से 50 और बाइक पर 12 से 22 हज़ार तक छूट मिल रही है।