Tuesday, March 10, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. काढ़ा पीने से लीवर डैमेज होने का खतरा? आयुष मंत्रालय ने जारी किया बयान

काढ़ा पीने से लीवर डैमेज होने का खतरा? आयुष मंत्रालय ने जारी किया बयान

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Oct 07, 2020 07:34 am IST, Updated : Oct 07, 2020 10:03 pm IST

आयुष मंत्रालय ने मंगलवार को उन दावों को सिरे से खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि लंबे समय तक काढ़े का सेवन करने से लीवर को नुकसान पहुंचता है।

काढ़ा पीने से लीवर डैमेज होने का खतरा? आयुष मंत्रालय ने जारी किया बयान- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM/RASOI909 काढ़ा पीने से लीवर डैमेज होने का खतरा? आयुष मंत्रालय ने जारी किया बयान

नई दिल्ली: आयुष मंत्रालय ने मंगलवार को उन दावों को सिरे से खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि लंबे समय तक काढ़े का सेवन करने से लीवर को नुकसान पहुंचता है। मंत्रालय का कहना है कि ‘‘यह गलत धारणा’’ है क्योंकि काढ़ा बनाने में उपयोग होने वाली सभी चीजें घरों में खाना पकाते समय इस्तेमाल की जाती हैं। गौरतलब है कि कोविड-19 के मद्देनजर आयुष मंत्रालय ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़े के सेवन का सुझाव दिया है।

काढ़े में क्या-क्या डलता है?

संवाददाता सम्मेलन में आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि दालचीनी, तुलसी और काली मिर्च का उपयोग काढ़ा बनाने के लिए किया जाता है और उनका श्वसन तंत्र पर अनुकूल प्रभाव होता है। मंत्रालय ने अन्य चीजों के साथ-साथ तुलसी, दालचीनी, कालीमिर्च, सोंठ (अदरक का पाऊडर) और किशमिश का उपयोग कर काढ़ा बनाने और दिन में एक-दो बार उसका सेवन करने की सलाह दी थी। 

काढ़ा पीने से लीवर को नुकसान होता है?

कोटेचा ने कहा, ‘‘ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि काढ़ा से लीवर को नुकसान पहुंचता है। यह गलत धारणा है क्योंकि काढ़े की सारी सामग्री का उपयोग घरों में भोजन पकाने में होता है।’’ वहीं, उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ यह कितना प्रभावी है, इसका पता लगाने के लिए अनुसंधान जारी है।

कब बना आयुष मंत्रालय?

बता दें कि आयुष मंत्रालय 9 नवंबर 2014 में बनाया गया है। पहले भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी विभाग (ISMH) मार्च 1995 में बनाया गया था और नवंबर 2003 में इस विभाग का नाम बदलकर आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी विभाग (आयुष) रखा गया। फिर 2014 में मंत्रालय बनाया गया।

क्या काम करता है आयुष मंत्रालय?

प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी प्रणाली में शिक्षा और अनुसंधान के विकास को ध्यान में रखते हुए यह काम करता है। यह मंत्रालय कई महत्वपूर्व उद्देश्यों के साथ काम करता है। इसके आयुष मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मंत्रालय के उद्देश्यों के बारे में बताया गया है।

आयुष मंत्रालय के उद्देश्य?

वेबसाइट के अनुसार, देश में दवाओं और होम्योपैथी कॉलेजों में भारतीय सिस्टम के अनुसार शिक्षा के स्तर को उन्नत करना, मौजूदा अनुसंधान संस्थानों को मजबूत बनाना, समयबद्ध कार्यक्रम से अनुसंधान सुनिश्चित करना तथा पहचान किए गए रोगों पर इन प्रणालियों के लिए प्रभावी उपचार तैयार करना मंत्रालय के मुख्य उद्देश्य हैं।

और क्या है आयुष मंत्रालय का काम?

इसके अलावा औषधीय पौधों के उत्थान के लिए और इन प्रणालियों में इस्तेमाल के लिए प्रोन्नति, खेती की योजनाएं तैयार करना तथा चिकित्सा और होम्योपैथिक दवाओं के भारतीय सिस्टम के लिए भेषज मानक विकसित करना भी मंत्रालय के मुख्य उद्देश्यों का ही ही हिस्सा है।

ALSO READ

सबसे ज्यादा UP और दिल्ली में फर्जी यूनिवर्सिटीज, UGC ने जारी की लिस्ट

ये है पीएम मोदी का मोबाइल नंबर और पता, मिलना है तो अभी नोट करें

मणिपुर में कांपी धरती, उखरुल में महसूस हुए भूकंप के झटके

कोरोना के चलते चीन की तगड़ा नुकसान! विदेशी मुद्रा भंडार 22 अरब डॉलर घटा

पीएम किसान सम्मान निधि योजना: ऐसे चेक करें अपना नाम और कराएं रजिस्ट्रेशन, यहां फोन कर लें मदद

दिल्ली सरकार ने साप्ताहिक बाजार खोलने को लेकर लिया बड़ा फैसला

मुंबई से नागपुर, पुणे, गोंदिया और सोलापुर के लिए रोजाना अप-डाउन ट्रेन सर्विस, जानिए टाइमिंग और अन्य डिटेल

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement