चंडीगढ़: जम्मू एवं कश्मीर में व्यक्ति को जीप से बांधने के लिए भारतीय सेना में मेजर नितिन लीतुल गोगोई का समर्थन कर चुके पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को गोगोई को सम्मानित करने के सेना के फैसले की सराहना की है। सेना के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सेना प्रमुख बिपिन रावत ने आतंकवाद-रोधी अभियान में सतत प्रयास के लिए राष्ट्रीय राइफल्स की 53वीं वाहिनी में नियुक्त मेजर गोगोई को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
सेना में कैप्टन के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके अमरिंदर सिंह ने गोगोई को सम्मानित किए जाने को 'सेना की उच्च परंपरा को जीवित रखने' वाले कार्य की संज्ञा दी और कहा 'भारतीय सेना साहस और पहल को हमेशा सम्मानित करती है'। मेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले लोगों की आलोचना करते हुए अमरिंदर ने कहा, "यह साफ है कि उन्हें सेना के काम करने का तरीका और भारतीय सेना की पंरपरा नहीं पता। भारतीय सेना वीरता और साहस की विशिष्ट संस्कृति में पगा एक अनूठा संस्थान है।"
जम्मू एवं कश्मीर के बडगाम जिले में एक स्थानीय व्यक्ति 24 वर्षीय फारूक अहमद दार को सेना की जीप के आगे बांध कर घुमाने का एक वीडियो नौ अप्रैल को सामने आया, जिसके बाद काफी हंगामा मचा। 15 अप्रैल को सेना ने मामले की जांच का आदेश दे दिया, हालांकि अभी तक जांच की रिपोर्ट नहीं आई है।
अमरिंदर ने कहा कि मेजर ने परिस्थिति के अनुकूल फैसला लेने और साहस का अद्भुत परिचय दिया, जो एक अच्छे सैन्य अधिकारी के लक्षण हैं। मेजर गोगोई को पुरस्कृत करने की मांग करने वाले पहले राजनीतिक अमरिंदर ने कहा कि यह अच्छी बात है कि चारों तरफ से हो रही आलोचना के बावजूद सेना अपने अधिकारी के साथ खड़ी रही।