नयी दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा शुरू की गई महत्वपूर्ण आवास योजना इंदिरा आवास योजना :आईएवाई: को नया रूप दिया गया है। साथ में इसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना :पीएमएवाई: कर दिया गया है। इसे अगले महीने जारी किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अगले साल एक अप्रैल से आईएवाई पीएमएवाई में सम्मिलित हो जाएगी।
नई योजना के तहत सरकार का लक्ष्य 2019 तक एक करोड़ घर बनाने का है। बहरहाल, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने योजना का नाम बदलने का कोई कारण नहीं बताया। आईएवाई के तहत सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष :2015-16: के अंत तक 38 लाख घर बनाने का लक्ष्य तय किया था जिसमें से दस लाख मकान तैयार हो गए हैं।
1985 में राजीव गांधी द्वारा लांच की गई इंदिरा आवास योजना में केंद्र और राज्य सरकार की क्रमशः 60 व 40 फीसदी की भागीदारी है। पूर्वोत्तर राज्यों में केंद्र सरकार इस योजना में 90 फीसदी का तो केंद्र शासित प्रदेशों में सौ फीसदी का योगदान करती है।
नई योजना यानी प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र और राज्यों के बीच बजट वितरण का प्रावधान यही रहेगा लेकिन अनुदान सीधे उन लाभार्थियों के बैंक खाते में जाएगा, जो 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना के मुताबिक चुने जाएंगे। मैदानी इलाकों में रहने वालों को 1.20 लाख तो पहाड़ी इलाकों में रहने वालों को 1.30 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।