1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. गुजरात चुनाव 2017: चुनाव आयोग ने ब्लू टूथ के जरिए EVM से छेड़छाड़ की शिकायत बेबुनियाद बताया

गुजरात चुनाव 2017: चुनाव आयोग ने ब्लू टूथ के जरिए EVM से छेड़छाड़ की शिकायत बेबुनियाद बताया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 09, 2017 09:34 pm IST,  Updated : Dec 09, 2017 09:34 pm IST

गुजरात में चुनाव आयोग ने आज कहा कि उसकी जांच में पता चला है कि विपक्षी कांग्रेस की ओर से ब्लूटूथ तकनीक के जरिए ईवीएम में संभावित छेड़छाड़ के बाबत जाहिर की गई आशंका बेबुनियाद है।

election commission- India TV Hindi
election commission Image Source : ANI

अहमदाबाद: गुजरात में चुनाव आयोग ने आज कहा कि उसकी जांच में पता चला है कि विपक्षी कांग्रेस की ओर से ब्लूटूथ तकनीक के जरिए ईवीएम में संभावित छेड़छाड़ के बाबत जाहिर की गई आशंका बेबुनियाद है। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन में ब्लूटूथ ऑन करने के बाद जिस उपकरण का पता लगा, वह कोई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) नहीं थी बल्कि एक मतदान एजेंट का मोबाइल फोन था। 

इससे पहले, गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 89 सीटों पर मतदान जारी रहने के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोढ़वाडिया ने पोरबंदर के एक मुस्लिम बहुल इलाके के तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम से संभावित छेड़छाड़ की शिकायत की थी। उन्होंने दावा किया था कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) ब्लूटूथ के जरिए बाहरी उपकरणों से जुड़ी पाई गई हैं। 

मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) बी बी स्वाइन ने आज शाम पत्रकारों को बताया कि उनकी ओर से कराई गई जांच के बाद मिली रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन में जब ब्लूटूथ ऑन किया जा रहा था तो ‘ईसीओ 105’ के रूप में एक अन्य उपकरण उपलब्ध मिल रहा था। स्वाइन ने कहा, ‘‘आशंका हुई कि ‘ईसीओ 105’ मतदान केंद्र में लगी ईवीएम है, जिससे ब्लूटूथ तकनीक के जरिए संभावित छेड़छाड़ का डर पैदा हुआ।’’ उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों से शिकायत आई वहां कलक्टर एवं पर्यवेक्षक को भेजा गया और शिकायतकर्ता को भी बुलाया गया। 

स्वाइन ने कहा कि स्थानीय मीडिया के सामने जांच कराई गई और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि एक मतदान एजेंट के पास इंटेक्स कंपनी का एक मोबाइल फोन था जिस पर ‘ईसीओ 105’ मॉडल नंबर के तौर पर अंकित था। उन्होंने कहा, ‘‘मनोज सिंगरखिया नाम का एक मतदान एजेंट मोबाइल फोन लेकर चल रहा था । वह शिकायतकर्ता के फोन के करीब खड़ा था....शिकायतकर्ता ने संभवत: सोचा होगा कि ईसीओ में ‘ईसी’ का मतलब इलेक्शन कमीशन है।’’ 

इससे पहले, मोढ़वाडिया ने कहा था, ‘‘हमने पाया कि मुस्लिम बहुल इलाके मेमनवाड़ा के तीन मतदान केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें ब्लूटूथ के जरिए बाहरी उपकरणों से जुड़ी हुई हैं । जब भी किसी मोबाइल फोन का ब्लूटूथ ऑन किया जाता है तो ‘ईसीओ 105’ नाम का एक उपकरण उपलब्ध दिखाई देता है।’’ उन्होंने आरोप लगाया था कि इसका साफ मतलब है कि ब्लूटूथ के जरिए उपकरण का इस्तेमाल कर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ की जा सकती है। 

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ईवीएम में लगी चिप ब्लूटूथ के जरिए प्रोग्राम करने लायक लगती हैं और यह छेड़छाड़ की आशंका पैदा करती है । वोटिंग प्रणाली बाहरी उपकरणों से ऐसे जुड़ाव से मुक्त होनी चाहिए।’’ बहरहाल, भाजपा ने कहा कि मोढ़वाडिया की ओर से की गई शिकायत दिखाती है कि विपक्षी कांग्रेस ‘‘कोई बहाना तलाश रही है’’, क्योंकि वह जानती है कि चुनावों में उसे करारी शिकस्त मिलने वाली है । भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘‘कांग्रेस के सदस्य कह रहे हैं कि ईवीएम में गड़बड़ी है । चुनाव आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए । लेकिन हम कह सकते हैं कि नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस बहाने तलाशने में जुट गई है, क्योंकि उसे चुनावों में अपनी हार दिखाई देने लगी है । वे ईवीएम के पीछे छिपने की कोशिश कर रहे हैं ।’’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत