नई दिल्ली: हरियाणा में दो सीटों के लिए शनिवार को हुए राज्यसभा चुनावों में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सोमवार को चुनाव आयोग से शिकायत करेगी। राज्य में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार आर के आनंद को हार का सामना करना पड़ा। पार्टी महासचिव बी के हरिप्रसाद ने कहा कि वे सोमवार को चुनाव आयोग में जाएंगे और हरियाणा से दोनों राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव को रद्द करने की मांग करेंगे। चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री बी एस हुड्डा समेत अपने ही लोगों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपों के सवाल पर हरिप्रसाद ने जवाब दिया कि ऐसा नहीं है।
हरियाणा में 14 कांग्रेसी विधायकों के वोट अवैध घोषित किए गए, जिससे आनंद हार गए। अन्यथा उनके जीतने की संभावना थी। हुड्डा ने कहा कि कोई बड़ी साजिश रची गई है और सच सामने आना चाहिए। उन्होंने चंडीगढ़ में कहा, चुनाव आयोग से जांच की मांग की जानी चाहिए। 24 घंटे में सच सामने आएगा। हरिप्रसाद ने कहा था कि प्रथमदृष्टया उन्हें सरकार की ओर से साजिश नजर आती है और पार्टी सच का पता लगाएगी।
उन्होंने कहा था, हम राजनीतिक और कानूनी तरीके से लड़ेंगे। आनंद की हार से कांग्रेस और पार्टी आलाकमान को बड़ा झटका लगा है जिसे विश्वास था कि भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी और मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा को हराने की उसकी रणनीति कारगर रहेगी। शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल ने अपनी बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस बारे में निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया था कि किसे वोट देना है और उन्होंने आनंद के पक्ष में मतदान का निर्देश दिया था। हुड्डा शुरू में आनंद के पक्ष में नहीं थे क्योंकि उन्हें हरियाणा में कांग्रेस की प्रतिद्वंद्वी इनेलो का समर्थन था।