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नक्सलियों को सबक सिखाने के लिये सुकमा भेजे जाएंगे 2000 कोबरा कमांडो

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 09, 2017 10:16 am IST,  Updated : May 09, 2017 10:16 am IST

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से निपटने के लिए सुकमा जिले और इसके आसपास कोबरा बटालियन के 2,000 अतिरिक्त कमांडो को शामिल किया जाएगा। सुकमा और इसके आसपास के इलाके में कई बड़े नक्सली हमले हुए हैं।

CoBRA Commandos- India TV Hindi
CoBRA Commandos

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से निपटने के लिए सुकमा जिले और इसके आसपास कोबरा बटालियन के 2,000 अतिरिक्त कमांडो को शामिल किया जाएगा। सुकमा और इसके आसपास के इलाके में कई बड़े नक्सली हमले हुए हैं। इनमें हाल ही में बुरकापाल इलाके में 24 अप्रैल को हुआ हमला है जिसमें सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे। इससे पहले 11 मार्च को सुकमा में ही हुए नक्सली हमले में 12 जवान शहीद हो गए थे। ('मेरे आंसुओं को कमज़ोरी ना समझना', MLA की फटकार के बाद लेडी IPS का जवाब)

अधिकारी ने बताया कि इस तरह के हमलों के मद्देनजर इस क्षेत्र में कोबरा कमांडो की कम से कम 20 से 25 कंपनियां तैनात करने की कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है। कोबरा कमांडो की एक कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं। इनकी तैनाती फिलहाल पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित इलाकों में है। उन्होंने यहां से जल्द ही कोबरा कमांडो को सुकमा क्षेत्र में स्थानांतरित करने की पुष्टि की। सिर्फ खुफिया सूचनाओं पर नक्सलरोधी अभियानों को संचालित करने के लिये प्रशिक्षित किये जाने वाले कोबरा कमांडो की कार्रवायी शत्रु के ठिकानों को नष्ट कर धन-जन की हानि को न्यूनतम करने पर केन्द्रित होती है।

कोबरा कमांडो की कुल 154 में से 44 टीमें इस समय छत्तीसगढ़ के बस्तर मंडल में तैनात हैं। बस्तर मंडल में सुकमा और दंतेवाड़ा सहित अन्य जिले शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में नक्सली हिंसा से निपटने के लिये केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की बटालियनों की संख्या बढ़ाने की मांग पर केन्द्र सरकार ने असहमति जताई है। इसमें केन्द्र सरकार की दलील है कि बटालियन की संख्या बढ़ाने के बजाय नक्सल विरोधी अभियानों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाना चाहिये।

हालांकि मंत्रालय ने बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों की अति सक्रियता वाले इलाकों में सीआरपीएफ और बीएसएफ की बटालियनों की फिर से तैनाती पर सहमति जतायी है। साथ ही मंत्रालय ने इन इलाकों में वायु सेना के हेलीकॉटर से निगरानी की अवधि को बढ़ाने की योजना बनायी है। इसमें हेलीकॉप्टर से प्रतिमाह 120 घंटे निगरानी को बढ़ाकर 160 घंटे करने का विचार है।

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