नई दिल्ली: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आग की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। ये घटना दिल्ली के एक होटल में हुई है, जहां जब आग लगी उस दौरान धोनी भी वहीं मौजूद थे। हालांकि, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन आग के बढ़ जाने की वजह से खिलाड़ियों की किट जल गई। बता दें कि धोनी यहां झारखंड के लिए विजय हजारे ट्रॉफी का मैच खेलने के लिए आए हैं। मीडिया की खबरों के मुताबिक द्वारका के एक मॉल में आग लगने की वजह से ये घटना हुई है। दरअसल, होटल भी इस मॉल के पास ही है और वहां से आग वहां पहुंच गई। झारखंड को विजय हजारे ट्रॉफी में आज बंगाल से भिड़ना था लेकिन आग के कारण ये मैच अब कल खेला जाएगा।
मैच रैफरी संजय वर्मा ने मैच स्थगित करने की घोषणा की जिसके बाद पालम के वायुसेना मैदान पर होने वाला यह मैच अब कल फिरोजशाह कोहला मैदान पर होगा। धोनी और टीम के उनके साथी आईटीसी वेलकम होटल में नाश्ता कर रहे थे जब आपात स्थिति में उन्हें बचाया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार होटल में लगभग 540 अतिथि थे। झारखंड के कोच राजीव कुमार ने कहा, हां, यह डरावना था क्योंकि सुबह तड़के आग लगी। हमें होटल से बाहर निकाला गया और मैदान में लाया गया। मैच रैफरी ने मैच स्थगित करने का फैसला किया क्योंकि टीम की किट होटल में थी और मैच शुरू नहीं किया जा सकता था।
दोनों टीमें मैदान पर थी लेकिन झारखंड के खिलाड़ी मानसिक रूप से परेशान थे इसलिए बीसीसीआई ने उन्हें मानसिक रूप से उबरने के लिए एक दिन का समय दिया। झारखंड के एक खिलाड़ी ने कहा, जब हम रेस्टोरेंट में नाश्ता कर रहे थे तो धुएं की दम घोटने वाली बदबू आने लगी जिसके बाद हम जान बचाने के लिए भागे।
दिल्ली दमकल विभाग के सीनियर अधिकारी ने बताया, सुबह लगभग साढ़े छह बजे वेलकम होटल में आग लगने का फोन आया। दमकल की 30 गाडि़यां मौके पर भेजी गई और सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने कहा कि रिलायंस के शोरूम में सबसे पहले आग लगी थी। आग लगने का कारण पता करने के लिए आगे की जांच की जा रही है।