फरीदाबाद: दशहरे के दिन फरीदाबाद के न्यू टाउन में रावण के पुतले के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान रह गया। रावण का पुतला जलने का इंतजार करता रहा लेकिन जलाने के लिए कोई राम नहीं पहुंचा। स्थानीय राजनीति के चलते पुतले का सिर गायब कर दिया गया था जिसके चलते प्रशासन को यह ऐलान करना पड़ा कि सिर कटे रावण को नहीं जलाया जाएगा। हालांकि एक अन्य कमेटी द्वारा बनाए गए रावण का दहन हुआ।
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क्या है पूरा मामला
मैदान में दो पुतले तैयार कर रखे गए थे। एक रावण का दूसरा कुंभकरण का पुतला था। कुंभकरण के पुतले को जलाया गया लेकिन रावण नहीं जल सका। आपसी राजनीति को चलते किसी ने रावण के सिर को गायब कर दिया। बाद में पुतले को बिना सिर के जमीन पर लिटा दिया गया और प्रशासन ने बिना सिर के रावण को नहीं जलाने का फैसला किया।
पुतलों को खड़ा करने की जगह को लेकर हुआ था विवाद
फऱीदाबाद न्यू टाऊन के एनआईटी 1 हनुमान मंदिर और वैष्णव देवी मंदिर से जुड़े लोग पुतलों को पुरानी जगह खड़े करने पर अड़ गए। विवाद के साथ ही भीड़ भी बढ़ी और परिणाम यह निकला की मंदिर कमेटी ने पुतला खड़ा नहीं किया। दूसरी तरफ क्रेन लेकर पदाधिकारी मैदान में वापस नहीं आ सके और वे पुतलों के सिर लेकर ही चले गए। बाद में पुलिस को घोषणा करनी पड़ी कि इन पुतलों का दहन नहीं किया जाएगा। हालांकि एक दूसरी कमेटी द्वारा बनाए गए पुतलों का दहन किया गया और इस तरह से इस बार दशहरे में रावण तो जला लेकिन उसका एक पुतला मैदान में बिना सिर यूं ही पड़ा रहा। हालांकि बाद में एनआईटी 1 में रावण के इस पुतले की शवयात्रा निकाली गई।
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