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उत्तराखंड: शक्ति परीक्षण मंगलवार को, बागियों को राहत नहीं

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 09, 2016 06:44 pm IST,  Updated : May 09, 2016 06:58 pm IST

सर्वोच्च न्यायालय (SC) ने सोमवार को कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को राहत देने से इंकार कर दिया। विधायकों ने उत्तराखंड के अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा मंगलवार को विधानसभा में पेश किए जाने वाले विश्वास मत के दौरान उन्हें वोट देने की अनुमति.....

Harish Rawat
- India TV Hindi
Harish Rawat

नई दिल्ली: उत्तराखंड में पिछले पौने दो महीने से चली आ रही राजनीतिक उठापटक और कानूनी दांवपेचों के बीच सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर राज्य विधानसभा में मंगलवार होने वाले शक्ति परीक्षण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसमें अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत की किस्मत पर फैसला होगा। हालांकि, गत 18 मार्च को हरीश रावत के खिलाफ बगावत कर उत्तराखंड में सियासी घमासान की शुरूआत करने वाले नौ बागी कांग्रेस विधायकों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मंगलवार को होने वाले शक्ति परीक्षण में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय देने से सदन की प्रभावी क्षमता घटकर 62 और बहुमत का आंकडा 32 हो गया है। इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हो रहे इस शक्ति परीक्षण के लिए बुलाए गए विशेष सत्र हेतु सुरक्षा सहित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय (SC) ने सोमवार को कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को राहत देने से इंकार कर दिया। विधायकों ने उत्तराखंड के अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा मंगलवार को विधानसभा में पेश किए जाने वाले विश्वास मत के दौरान उन्हें वोट देने की अनुमति देने की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने सोमवार सुबह इन नौ विधायकों की याचिका रद्द कर दी। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नेतृत्व में नौ बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनकी सदस्यता खत्म करने को संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत चुनौती दी थी।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिव कीर्ति सिंह की पीठ ने उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी करते हुए 12 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि सोमवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले पर स्थगन देने की बागी विधायकों की याचिका पर वह उसी दिन विचार करेगा। इसके साथ ही आदेश दिया था कि विशेष रूप से आहूत दो घंटे के सत्र के दौरान राष्ट्रपति शासन लागू नहीं रहेगा। पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक विधानसभा सत्र का आयोजन शक्ति परीक्षण के ‘एकमात्र एजेंडे’ के लिए होगा। यानि तकनीकी रूप से इन दो घंटे के दौरान राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू नहीं रहेगा।

इससे पहले  विधानसभा अध्यक्ष ने इन विधायकों को अयोग्य ठहरा दिया था और उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को ही एक फैसले में विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय को सही ठहराया। इसके बाद कांग्रेस के इन बागी विधायकों ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के लागू करने पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था।

कोर्ट ने कहा था, वर्तमान में हमारे फैसले से अयोग्य विधायकों के उस मामले में किसी किस्म का पूर्वाग्रह नहीं बनेगा, जो फिलहाल उत्तराखंड हाईकोर्ट के पास विचाराधीन है। इस समय 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 28, कांग्रेस के 27 और बसपा के दो विधायक हैं जबकि तीन निर्दलीय विधायक हैं। एक विधायक उत्तराखंड क्रांति दल (पी) का है। कांग्रेस के नौ विधायक अयोग्य हैं और एक भाजपा के बागी विधायक है।

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