नई दिल्ली: हरियाणा के डीजीपी के. पी. सिंह ने जींद में एक सेमीनार में बोलते हुए अजीबोगरीब बात कह दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसी का घर, मकान और दुकान जलाता है, अगर कोई किसी को जान से मारने की कोशिश करता है तो कानून एक आम आदमी को भी यह अधिकार देता है कि वह उसकी जान ले ले और इस बात का नागरिकों को पता नहीं है।
डीजीपी ने कहा कि यह सिर्फ पुलिस का ही अधिकार नहीं है उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई आपके सामने किसी मां बहन की बेइज्जती करता है तो कानून आपको यह अधिकार देता है कि आप उसकी जान ले लें। इसलिए आप नागरिक के रूप में अपनी भूमिका को समझिए।
डीजीपी इतने में ही नहीं रुके उन्होंने कहा कि अगर आगे कोई भी ऐसा आंदोलन सूबे में होता है तो, उपद्रवियों को कड़ा जवाब दिया जाएगा और सबक सिखाया जाएगा। डीजीपी ने कार्यक्रम में कहा कि पुलिस ने तो वर्दी पहनी है उसे अपनी ड्यूटी निभानी होती है लेकिन आम आदमी भी इस प्रकार के मामलों में अपराधी की हत्या कर सकता है। डीजीपी के अनुसार ऐसे मामलों में कानून अधिकार देता है कि कोई यदि मारने मारने की कोशिश करे तो व्यक्ति उसकी जान ले सकता है।
बता दें कि हरियाणा में पिछले कुछ समय के अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है और इस पर पुलिस और प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम फिलहाल नाकाफी साबित हो रहे हैं। जाट आरक्षण के दौरान हुई हिंसा और आजगनी के बाद पुलिस-प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई थी व पुलिस पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे थे।
गौर हो कि डीजीपी केपी सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें जाट आंदोलन के बाद हरियाणा का डीजीपी नियुक्त किया गया है।