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श्राप से चाहते हो मुक्ति तो 8 साल के लड़के से करवाएं 5 साल की बेटी की शादी वरना…

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 17, 2017 05:30 pm IST,  Updated : Apr 17, 2017 05:39 pm IST

मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में एक अज़ीबो-गरीब घटना सामने आयी हैं गुना ज़िले के तारापुर गांव में एक व्यक्ति की गलती की सज़ा पंचायत ने उसकी पांच साल की बेटी को सुना दी व्यक्ति द्वारा तीन साल पहले गलती से एक गाय के बछड़े को जान से मारने के मामले में पंचा

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panchayat ka farman

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में एक अज़ीबो-गरीब घटना सामने आयी हैं गुना ज़िले के तारापुर गांव में एक व्यक्ति की गलती की सज़ा पंचायत ने उसकी पांच साल की बेटी को सुना दी व्यक्ति द्वारा तीन साल पहले गलती से एक गाय के बछड़े को जान से मारने के मामले में पंचायत ने फरमान जारी कर दिया कि यदि समाज में शामिल होना हैं तो अपनी 5 साल की बेटी की शादी 8 साल के बच्चे से करानी होगी ।

इसकी शिकायत मिलने पर प्रशासन ने गांव के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की चेतावनी दी हैं। गुना ज़िले के मजिस्ट्रेट नियाज़ खान ने रविवार को बताया कि इस बच्ची की मां जिला प्रशासन के पास अपने पांच साल की बेटी की शादी रुकवाने कि गुहार करने लगी। गांव के लोगो ने लगभग चार महीने पहले पंचायत कर इस महिला की पांच साल की बेटी की शादी आठ साल के बच्चे से कराने का फरमान जारी किया था। उन्होने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन ने तारापुर गांव के सभी ग्रामवासियों को चेतावनी दी हैं कि यदि उन्होने इस लड़की के परिवार वालो पर  शादी के लिए जबरन दबाव बनाया तो उनके ख़िलाफ एफआईआर दर्ज होगा ।

बछडे़ की मौत के बाद पूरे गांव ने कर दिया था बहिष्‍कार, गंगा स्‍नान और भंडारे का सुनाया था फरमान

महिला ने शिकायत में कहा हैं कि तीन साल पहले मेरे पति ने खेत पर गेंहू की फसल चर रहे गाय के बछडें को पत्थर मार दिया था जिससे उसकी मौत हो गयी थी, बछड़े की मौत के बाद पंचायत ने मेरे परिवार का समाजिक बहिष्कार कर दिया। शिकायत के अनुसार समाज ने उस वक्त पंचायत कर दोबारा मेंरे परिवार को समाज में शामिल होने के लिए गंगा स्नान और पूरे गांम को भंडारे का फरमान सुनाया था, परिवार ने कैसे भी कर के फैसले को पूरा किया, लेकिन इसके बाद भी समाज के लोगो ने गांव में सभी तरह का लेनदेन, गांव के हैंडपंप से पानी बंद करा दिया था। बाद में ग्रामीणों ने फिर पंचायत की और कहा कि  गांव में शादी करने लायक कई युवक हैं लेकिन इस परिवार के सदस्य द्वारा बछड़े को जान को मारने के कारण इनकी शादी नही हो पा रही हैं। यह बछड़े को मारने का श्राप हैं ।

बछड़े की मौत को श्राप से जोड़ा, बताया शादी ना होने का बड़ा कारण
खान ने बताया,'' ग्रामीणों ने मीटिग कर पीड़ित परिवार को बताया कि बछड़े को जान से मारने के कारण गांव के किसी भी युवक-युवती की शादी नही हो पा रही हैं। इसलिए हमें स्थानीय पंरम्परा के अनुसार इस श्राप से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले तुम्हारी बेटी की शादी करानी होगी"। हांलाकि इस मासूम बेटी की मां इस शादी से राजी नही हैं और जिला प्रशासन से इस शादी को रुकवाने की गुहार कर रही हैं। जिला प्रशासन ने होने वाले इन मासूम दूल्हा-दुलहन के पिताओं सहित चार लोगो पर आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 107:16 के तहत 20,000 रुपये का बांड भी निष्पादित किया हैं, इस बांड का उल्लघंन करने पर पुलिस कारवाई कर सकती हैं। 

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