इंदौर: इंदौर के जिला अस्पताल में पदस्थ एक महिला डॉक्टर ने इलाज के लिए सिविल सर्जन द्वारा छुट्टी नहीं दिए जाने से परेशान हो कर नींद की गोलियां खा ली। डॉक्टर ने गोलियां ड्यूटी के दौरान खाई। डॉक्टर का इलाज चल रहा है। घटना मंगलवार की है।
इलाज के लिए जाना चाहती थी बेंगलुरु, ऑफ ना मिलने पर डॉक्टर ने खुदखुशी की कोशिश की
डॉ.वृंदा राठी करीब दो महीने से इलाज के लिए बेंगलुरु जाने को छुट्टी मांग रही है। लेकिन, सिविल सर्जन डॉ. रतन खंडेलवाल बार-बार डॉ. राठी का आवेदन निरस्त करते रहे। इससे परेशान होकर मंगलवार को डॉ. राठी ने अस्पताल में ही नींद की दवाईयां खा ली। डॉ. राठी की तबीयत बिगडऩे पर उनके मुंह से झाग निकला और उल्टियां होने लगी। सिविल अस्पताल में ही डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और सिविल सर्जन को सूचना दी।
प्रताड़ना से आहत होकर खुदखुशी की कोशिश की
डॉक्टरों ने आरोप लगाए है कि डॉ.पोरवाल ने सोमवार को भी कैबिन में डॉ. राठी को फटकारते हुए भगा दिया था। इससे परेशान होकर ही डॉ. राठी ने अस्पताल में खुदकुशी करने की कोशिश की है। डॉ. राठी की तबीयत बिगडऩे की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन ने अस्पताल में इलाज कराने के बजाय डॉक्टरों को ड्रग एडिक्ट होने का कहते हुए एमवाय रैफर करने का कहा था। लेकिन, डॉक्टरों ने ईलाज जारी रखा। बाद में डॉ. राठी के भाई को बुलाया गया।
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. रतन खंडेलवाल का कहना है कि डॉ. राठी लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान है। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और वे बड़बड़ाने भी लगी थी। मुझे जानकारी है कि दिल्ली के डॉक्टर उनका डिप्रेशन का इलाज कर रहे है। सिंहस्थ के दौरान सभी की छुट्टियां निरस्त थी। अभी उन्होंने जून में छुट्टी लेने का आवेदन दिया था। जिस पर विचार किया जा रहा था। उन्होंने डॉ राठी को प्रताड़ित किये जाने की बाद से इंकार किया।