
Kargil War
5. कारगिल की लड़ाई
रॉ को उस वक्त बड़ी सफलता मिली जब उसने पाकिस्तान के तात्कालीन सैन्य प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ (बीजिंग में) और उनके चीफ ऑफ स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अजीज (इस्लामाबाद में) के बीच हुई बातचीत को टेप करने में सफलता पाई। इस टेप को बाद में भारत ने सामने किया ताकि साबित हो सके कि कारगिल घुसपैठ में पाकिस्तान की भूमिका था। हालांकि रॉ की इस बात को लेकर आलोचना भी हुई कि उन्होंने पाकिस्तान के इस सशस्त्र घुसपैठ की पुख्ता जानकारी नहीं उपलब्ध करवाई थी, जिसके कारण 10 दिन लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी और हजारों सैनिक मारे गए।