
Kanishka Bombing case
2.कनिष्का बाम्बिंग मामला:
यह अभियान रॉ के बेहतर ढंग से काम करने की साख पर लगा बड़ा झटका था। 23 जून 1985 को भारतीय एअरक्राफ्ट बोइंग 747-237B को आयरलैंड के पास करीब 31 हजार फीट की ऊंचाई पर बम से उड़ा दिया गया। इस अभियान में करीब 329 लोगों की जानें गई थीं। इसी दिन ठीक एक घंटे के बाद टोक्यो के नारिता हवाई अड्डे की ट्रांजिट बैगेज बिल्डिंग में धमाका हुआ। यहां पर कैथे पैसिफिक फ्लाइट नंबर CP 003 से एअर इंडिया की फ्लाइट 301 में (जो कि बैंकॉक जाने वाली थी) सामान लादा जाना था। दोनों विमानों को कनाडा के हवाई अड्डों पर विस्फोटकों से भरा गया था। फ्लाइट 301 उड़ान भरने में देरी के कारण बच गई। इस अभियान को रॉ की सबसे बड़ी चूक माना गया।
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