श्रीहरिकोटा: भारत ने गुरुवार को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण स्थल से स्वदेश निर्मित रॉकेट की मदद से दो टन से अधिक वजनी अत्याधुनिक मौसम उपग्रह 'इनसैट-3डीआर' प्रक्षेपित किया। अपराह्न करीब 4.50 बजे जीएसएलवी श्रेणी के नवीनतम रॉकेट जीएसएलवी-एफ05 के जरिए मौसम उपग्रह को सतीश धवन स्पेस सेंटर के दूसरे लांच पैड से प्रक्षेपित किया गया। रॉकेट के तीसरे चरण में ईंधन भरने में हुई देरी के कारण प्रक्षेपण 40 मिनट विलंब से हुआ।
INSAT-3DR की खास बातें
- नेशनल सैटैलाइट सिस्टम द्वारा ऑपरेट होनेवाला यह एक अत्याधुनिक मौसम उपग्रह है
- इस सैटेलाइट की मदद से मौसम संबंधी सेवाओं में काफी मदद मिलेगी
- यह मौसम आधारित 6 तरह की सेवाएं उपलब्ध कराएगा
- यह उपग्रह अपने साथ डाटा रीले ट्रांसपॉन्डर के साथ ही सर्च और रेस्क्यू ट्रांसपॉन्डर भी साथ ले गया है। इससे इसरो को मौसम संबंधी सेवाएं निर्बाध रूप से मिलती रहेंगी।
- इस सैटेलाइट का वजन 2,211 किलोग्राम है। इसे रॉकेट की मदद से जियो ट्रांसफर ऑर्बिट में रखा जाएगा।
- इस सैटेलाइट को स्वदेश निर्मित क्रायोजेनिक इंजन के जरिए अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया है।
- यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में 10 साल तक क्रियाशील रहेगा।