श्रीनगर: कश्मीर घाटी मंगलवार को लगातार 88वें दिन भी बंद रही। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। प्रशासन ने घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और राज्य पुलिस की पर्याप्त तैनाती की गई है।
अलगाववादियों ने महिलाओं को मंगलवार को घाटी में प्रदर्शन करने के लिए कहा है। महिलाओं को शहर के चौराहों, बाजार स्थलों और यातायात मार्गो पर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने को कहा गया है। अलगाववादी 9 जुलाई से ही बंद, रैलियों और मार्च का आह्वान करते हुए साप्ताहिक प्रदर्शन कैलेंडर जारी कर रहे हैं।
घाटी में पिछले 88 दिन से स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद हैं। इस दौरान मुख्य बाजार स्थल, सार्वजनिक परिवहन और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद हैं।
जम्मू एवं कश्मीर के शिक्षा मंत्री नईम अख्तर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने नईम अख्तर को शैक्षणिक संस्थानों को खोलने का प्रयास करने के मद्देनजर चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि अब तक घाटी में लगभग 90 लोगों की मौत हो गई है और 12,000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।