नई दिल्ली: 21 जून को होने वाले "इंटरनेश्नल योगा डे" की चर्चा पूरे विश्व में है। भले ही, योगा डे पर सूर्य नमस्कार (योगासन) करने को लेकर भारत में बवाल मच रहा हो, राजनेताओं और हिंदू-मुस्लिम संगठन बयानबाज़ी चल रही हो पर इन विवादों को दरकिनार कर देखा जाए तो योगासन के अनेक फायदे हैं। हम आपको बताएंगे कि योगासनों में से सर्वश्रेष्‍ठ माने जाने वाला योगासन 'सूर्य नमस्कार' कैसे करते हैं ?, सूर्य नमस्कार के क्या फायदे और महत्व हैं ?, कितने तरह के होते हैं आसन ? और किन मंत्रों के साथ किया जाता है सूर्य नमस्‍कार ? कब और कैसे करें सूर्य नमस्‍कार ? सूर्य नमस्‍कार को सुबह के समय सूरज की ओर मुख कर के ही करना चाहिये क्‍योंकि सूरज हमें ऊर्जा प्रदान करता है। क्या मंत्र है? कितने तरह के होते हैं आसन ? प्रथम स्थिति- स्थितप्रार्थनासन मंत्र: ॐ मित्रायनमः द्वितीय स्थिति - हस्तोत्तानासन या अर्द्धचन्द्रासन मंत्र: ॐ रवयेनमः तृतीय स्थिति - हस्तपादासन या पादहस्तास मंत्र: ॐ सूर्यायनमः चतुर्थ स्थिति- एकपादप्रसारणासन मंत्र: ॐ भानवेनमः पंचम स्थिति- भूधरासन या दण्डासन मंत्र: ॐ खगायनमः षष्ठ स्थिति - साष्टाङ्ग प्रणिपात मंत्र: ॐ पूष्णेनमः सप्तम स्थिति - सर्पासन या भुजङ्गासन मंत्र: ॐ हिरण्यगर्भायनमः अष्टम स्थिति- पर्वतासन मंत्र: ॐ मरीचयेनमः नवम स्थिति - एकपादप्रसारणासन मंत्र: ॐ आदित्यायनमः दशम स्थिति – हस्तपादासन मंत्र: ॐ सवित्रेनमः एकादश स्थिति -हस्तोत्तानासन या अर्धचन्द्रासन मंत्र: ॐ अर्कायनमः द्वादश स्थिति -स्थित प्रार्थनासन मंत्र: ॐ भास्करायनमः आगे स्लाइड में देखें कैसे करें सूर्य नमस्‍कार.. सूर्य नमस्कार के फायदे और महत्व हैं : भले ही आप योगासन करते हो या नहीं पर अगर आपने सभी योगासनों में से सर्वश्रेष्‍ठ योगासन 'सूर्य नमस्कार' कर लिया तो समझिए मानव शरीर के सारे रोगों का निवारण हो जाएगा। सूर्य नमस्‍कार करने के अनगिनत फायदे हैं। आइये जानते हैं कि सूर्य नमस्‍कार करने से हमारे शरीर को क्या फायदा पहुंचता है: - तनाव दूर होता है: सूर्य नमस्‍कार करते वक्‍त लंबी सांस भरनी चाहिये, जिससे शरीर रिलैक्‍स हो जाता है। इसे करने से बेचैनी और तनाव दूर होता है तथा दिमाग शांत होता है। - पाचन क्रिया में सुधार: सूर्य नमस्‍कार करने से पाचन क्रिया में सुधार होता है। इससे खाना पचाने वाला रस ज्‍यादा मात्रा में निकलता है और पेट में छुपी गैस बाहर निकल जाती है, जिससे पेट हमेशा हल्‍का बना रहता है। - वजन कम होता है: सूर्य नमस्‍कार करने से शरीर के हर भाग पर जोर पड़ता है, जिससे वहां की चर्बी धीरे धीरे गलने लगती है। अगर आप मोटे हैं तो सूर्य नमस्‍कार रोज करें। - लचीलापन आता है: सूर्य नमस्‍कार करने से शरीर में अकड़न कम हो जाती है और शरीर में लचक पैदा होने लगती है। यह एक बहुत ही अच्‍छा व्‍यायाम है। - अनिंद्रा दूर होती है: लोगों में अनिंद्रा की समस्‍या आम हो गई है तो ऐसे मे सूर्य नमस्‍कार जरुर करना चाहिये। इससे शरीर रिलैक्‍स हो जाता है, जिससे रात को अच्‍छी नींद आती है। - हड्डियां मजबूत होता हैं: सूरज के सामने सूर्य नमस्‍कार करने से शरीर में विटामिन डी जाता है, जिससे खूब सारा कैल्‍शियम हड्डियों दृारा सोख लिया जाता है। - पीरियड्स रेगुलर होते हैं: कई महिलाओं में अनियमित पीरियड्स होते हैं जो कि सूर्य नमस्‍कार को नियमित रूप से करने से ठीक हो जाता है। यह हार्मोन को भी बैलेंस करता है। - खूबसूरत त्‍वचा बनाता है: इसे नियमित रूप से करने पर शरीर में खून का दौरा तेज होने के साथ पेट भी सही रहता है। साथ ही चेहरे से झुर्रियां मिट जाती हैं। - शारीरिक मुद्रा में सुधार आता है: कई लोग झुक कर चलते व बैठते हैं, जिससे उनके शरीर की पूरी बनावट खराब दिखती है। लेनिक सूर्य नमस्‍कार करने से अंदर से शारीरिक सुधार होने लगता है। इससे शरीर का सारा दर्द भी खतम हो जाता है।