इलाहाबाद: इलाहाबाद में पैसा निकालने गए लोगों के सिर से खून निकल गया। लोगों का आरोप है कि बैंक कर्मी ने बाउंसर बुला कर उन्हें पिटवाया। ये सारा झगड़ा इसलिए हुआ क्योंकि बैंक में पैसे की कमी थी और लोग पैसों लेकर ही घर जाने पर अड़े थे। बताया जा रहा है कि पहले लोगों ने कैशियर को घेर लिया उससे बहस करने लगे और फिर कैशियर ने बाउंसर बुलवा कर लोगों को पिटवाया।
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ये घटना इलाहाबाद के बैंक ऑफ बड़ौदा की है। यहां बैंककर्मियों और पब्लिक के बीच झड़प ऐसी हुई कि एक शख्स का सिर भी फूट गया। असल में ये सारा हंगामा कैश की कमी की वजह से हुआ। बैंक में कैश खत्म हो गया था। कैशियर ने ग्राहकों से कहा कि वो उनकी डिमांड पूरी नहीं कर सकता और सबको थोड़े थोड़े पैसे ही मिलेंगे। इस पर बैंक ग्राहकों ने हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ से घिरने पर कैशियर ने अपने दो दर्जन साथियों को बुला लिया और फिर कैशियर के दोस्तों ने ग्राहकों की जम कर पिटाई कर दी।
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बैंक के ग्राहकों ने आरोप लगाया कि कैशियर ने उन्हें पीटने के लिए बाउंसर बुला लिए थे। मारपीट की खबर जब फैली तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी तबतक मारपीट करने वाले तो फरार हो गए लेकिन मार खाने वाले वहीं टिके रहे। पुलिस बैंक कर्मियों के खिलाफ ऐक्शन लेने की मांग पर अड़ गए। लोगों का गुस्सा और न भड़के इसके लिए पुलिस ने बैंक बंद करा दिया और बैंक के भीतर ही घंटों तक कर्मचारियों से पूछताछ होती रही।
नोटबंदी के दौर में बैंक के बाहर मारपीट की तस्वीरें पहली बार नहीं आयी हैं। इससे पहले यूपी के बुलंदशहर में भी बैंकों में कैश की कमी हुई थी तो लोगों का गुस्सा फूटा था। तब एक पुलिस वाला लोगों के गुस्से का शिकार हुआ था। हरिद्वार में भी कैश न मिलने पर एक महिला इतनी खफा हुई थी कि उसने दारोगा को ही थप्पड़ जड़ दिया था।
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