नई दिल्ली: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सेना पर आरोप लगाने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए उन्हें पत्र लिखा है। पर्रिकर ने गुरुवार को लिखा, "राज्य सरकारों की संबद्ध एजेंसियों से परामर्श के बाद सेना की सभी संरचनाओं द्वारा उनकी तिथियों की सुविधा के अनुरूप वर्षो से देश भर में अभ्यास किया जाता रहा है।" ममता बनर्जी ने गत 1 दिसंबर को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि उनको 'अंधेरे में रख कर' दो राष्ट्रीय राजमार्गो के टोल नाकाओं पर 'सेना की तैनाती' की गई थी।
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सेना का बचाव करते हुए पर्रिकर ने कहा, "भारतीय सेना हमारे देश की सबसे अनुशासित संस्थाओं में एक और राष्ट्र की सुरक्षा व संरक्षा के लिए समर्पित है। उसके पेशेवर और अराजनीतिक व्यवहार पर देश को गर्व है।"उन्होंने कहा कि अपने पक्ष को मुकम्मल रूप से रखने के लिए भारतीय सेना ने संबद्ध एजेंसियों के साथ इस सिलसिले में हुए अपने पत्र व्यवहार को सार्वजनिक रूप से सभी के सामने रख दिया है।
इस विवाद के कारण सेना के मनोबल पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा, "इस संबंध में आपके आरोप से सेना के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बन गया है और सार्वजनिक जीवन में आपके जैसे कद और अनुभव वाले व्यक्ति से इस तरह की उम्मीद नहीं थी।"
उन्होंने कहा, "राजनीतिक पार्टियां और राजनीतिक नेताओं को एक दूसरे के खिलाफ विवेकहीन और बेबुनियाद आरोप लगाने की छूट हो सकती है, लेकिन हमारे सशस्त्र बल का उल्लेख करते समय किसी भी व्यक्ति को अत्याधिक सावधान रहना चाहिए। मैं आश्वस्त हूं कि आप इस बात को मानेंगी।"