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महबूबा ने सच कहने का दिखाया साहस, सोशल मीडिया पर तारीफ

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 25, 2016 07:13 pm IST,  Updated : Aug 25, 2016 08:04 pm IST

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर में जारी उपद्रव के दौरान जिन लोगों को गोली लगी वे दूध या टॉफी लेने सड़कों पर नहीं निकले थे। महबूबा के इस बयान पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया आ रही है।

Mehbooba Mufti- India TV Hindi
Mehbooba Mufti Image Source : PTI

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर में जारी उपद्रव के दौरान जिन लोगों को गोली लगी वे दूध या टॉफी लेने सड़कों पर नहीं निकले थे। महबूबा ने अपने इस बयान से कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई को जायज ठहराया है। वहीं महबूबा के इस बयान पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया आ रही है। आइये एक नजर डालते हैं कुछ खास प्रतिक्रियाओं पर-

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1.बंदी ने सच कहने का साहस दिखाने के साथ ही सेकुलर मीडिया को भी आईना दिखाया है। यह उम्मीद नहीं थी कि महबूबा के ये बोल भी हो सकते हैं। शाबाश !!- विनीत कुमार
2.महबूबा ने बहुत सही कहा। हम सभी कर्फ्यू के मायने अच्छी तरह समझते हैं। साथ ही ये भी समझते हैं कि अगर लोग कानून का उल्लंघन करें तो पुलिस और आर्मी को क्या करना चाहिए।- मीनाक्षी आहूजा
3. सीएम ने आज बिल्कुल सही कहा। उन्हें अपने इसी स्टैंड पर कायम रहना चाहिए। जो बच्चों को भड़का रहे हैं और हिंसा को हवा दे रहे हैं उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।-खुशहाल सिंह

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4.वाह! ये हुई न बात। चंद पैसों के लालच में कुछ लोग अपनी जान गवां देते हैं- दिनेश पाठक
5.एकदम सही बोला महबूबा जी आपने। इस माहौल में हर आदमी जानता है कि बाहर रोड पर इतने लोगों के साथ टॉफी लेने नहीं जाएंगे।- विनय कुशवाहा
6.शाबाश महबूबा जी, थोड़ी और सख्ती दिखाइए।-फतेह सिंह चौहान
7.बस पीछे मत हटना... जवानों का हौसला बढ़ाते रहना... हम एक दिन जरूर कामयाब होंगे-निम्बाराम पटेल
8.मैडम आपने जो कहा वो सही है। हम सभी हिंदुस्तानी हैं। आपने देशद्रोहियों को सही जवाब दिया है।-मुकेश प्रजापति
9.बहुत बढ़िया बोला। सच को सच कहने की आदत डालनी पड़ेगी- रवि शुक्ला
10. अगर निष्पक्ष भाव से मसला सुलझाया जाए तो एक दिन में सुलझ जाएगा। लेकिन यहां सभी को वोट बैंक का खतरा है। काश! कोई ऐसा होता जो केवल पांच साल के लिए राजनीति में आता और सबकुछ बदलकर चला जाता।- कुमार अभय

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