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कालेधन के धनकुबेरों के संरक्षक बन गए हैं ममता, मायावती और केजरीवाल: नकवी

 Written By: Bhasha
 Published : Nov 21, 2016 04:52 pm IST,  Updated : Nov 21, 2016 04:52 pm IST

नई दिल्ली: कालाधन के मुद्दे पर विपक्ष खासकर कांग्रेस से देश का मूड और मिजाज समझने की अपील करते हुए संसदीय कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि देश का मूड कालाधन, भ्रष्टाचार

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नई दिल्ली: कालाधन के मुद्दे पर विपक्ष खासकर कांग्रेस से देश का मूड और मिजाज समझने की अपील करते हुए संसदीय कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि देश का मूड कालाधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में पलीता लगाने और उसका विरोध करने वालों के खिलाफ है और मायावती, ममता, कांग्रेस, केजरीवाल की ऐसी छवि बनती जा रही है कि ये कालाधन और कालाधन के धनकुबेरों के संरक्षक बन गए हैं। (देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)

नकवी ने कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस ने मांग की कि कालाधन पर जेपीसी गठित करने पर सदन की भावना ली जाए। तब उन्हें समझना चाहिए कि देश की भावना क्या है, देश का मूड क्या है ? देश की भावना कालाधन के खिलाफ है।

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संसदीय कार्य राज्य मंत्री ने कहा कि देश का मूड कालाधन के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई लड़ाई के साथ है। देश का मूड ऐसे लोगों के खिलाफ है जो कालाधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में पलीता लगाने और उसका विरोध करने का काम कर रहे हैं। देश का मूड ऐसे लोगों के खिलाफ है जो संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।

नकवी ने कहा कि ऐसे दलों खासकर कांग्रेस की ऐसी छवि बनती जा रही है कि ये कालाधन और कालाधन के धनकुबेरों के संरक्षक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में छेड़ी गई यह आर्थिक क्रांति देश के सर्वांगीण विकास और गरीबों एवं कमजोर वर्ग की तरक्की की गारंटी बनेगी। विपक्ष खासकर कांग्रेस को इसका विरोध त्यागकर सदन में सार्थक चर्चा करनी चाहिए।

नकवी ने कहा कि चाहे मायावती हो, ममता हो, कांग्रेस हो या केजरीवाल हो ये लोग कालाधन के खिलाफ लड़ाई में पलीता लगाने की प्रतिस्पर्धा में लगे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद के अंदर जिस भाषा का प्रयोग किया जाता रहा है, वे उन लोगों की हताशा एवं निराशा का प्रतीक है। आम लोग, जनता और गरीब कालेधन के खिलाफ इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

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