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1993 मुंबई धमाका: आज सुना सकती है टाडा अदालत 7 अभियुक्तों पर फ़ैसला

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 29, 2017 01:28 pm IST,  Updated : May 29, 2017 01:28 pm IST

1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों की सुनवाई कर रही टाडा अदालत आज फ़ैसला सुना सकती है। इस मामले पर छह साल से सुनवाई हो रही थी और आज धमाकों के सात अभियुक्तों की क़िस्मत पर फ़ैसला हो सकता है।

Mumbai Bomb blast- India TV Hindi
Mumbai Bomb blast

1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों की सुनवाई कर रही टाडा अदालत आज फ़ैसला सुना सकती है। इस मामले पर छह साल से सुनवाई हो रही थी और आज धमाकों के सात अभियुक्तों की क़िस्मत पर फ़ैसला हो सकता है। ये सात अभियुक्त हैं मुस्तफ़ा दोसा, अबू सलेम, रियाज़ सिद्दिक़ी, मोहम्मद ताहेर मर्चेंट, अब्दुल क़य्यूम, फ़ीरो़ज़ ख़ान और करीमुल्लाह।

 आपको बता दें कि 1993 धमाके के मुक़दमे का सबसे पहला फ़ैसला 2006 मे आया था जिसमें 123 अभियुक्तों में से 100 को सज़ा सुनाई गई थी और 23 को बाइज़्ज़त बरी कर दिया गया था। जिन अभियुक्तों को सज़ा सुनाई गई थी उनमें फ़िल्म स्टार संजय दत्त भी थे। इसी फ़ैसले में याक़ूब मेमन को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी। याक़ूब मेमन को 30 जुलाई 2015 को महाराष्ट्र के यरवडा जेल में फांसी दी गई थी। याक़ूब 1993 धमाकों में वांटेड टाइगर मेमन के भाई थे।

 
दरअसल 2006 में टाडा अदालत ने इस केस को दो हिस्सों में बांटा था- पार्ट ए और पार्ट बी। कोर्ट को इसलिए ऐसा करना पड़ा क्योंकि इन सात अभियुक्तों को 2002 के बाद विदेश से प्रत्यर्पित किया गया था जबकि केस की सुनवाई 1995 से चल रही थी। इसीलिये इन सात अभियुक्तों का फ़ैसला तब नहीं हो पाया था। कोर्ट का मानना था कि इन सातों की सुनवाई भी अगर साथ में होगी तो फ़ैसला आने में और देर होगी इसलिए इन सातों की सुनवाई अलग से शुरू की गई।

इन सातों अभियुक्तों में से सबसे गंभीर आरोप मुस्तफ़ा दोसा पर हैं। दोसा पर आरोप है कि उन्होंने बम धमाकों में लगने वाले एक्सप्लोसिव और गोला बारूद मुंबई में समुद्र के किनारे उतारे थे। पुलिस के मुताबिक़ धमाके के लिए तीन हज़ार किलो से भी ज़्यादा आरडीएक्स उतारा गया था जबकि सिर्फ़ दस फ़ीसदी ही इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा दोसा पर कई अभियुक्तों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने के भी आरोप हैं।

दोसा को 2003 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। हालांकि कोर्ट में दोसा ने बयान दिया था कि वो ख़ुद ही वापस आया है ताकि ख़ुद पर लगे आरोपों को ग़लत साबित कर सके।

अबू सलेम पर हथियारों और धमाके के सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के आरोप हैं। इसके अलावा संजय दत्त को हथियार देने का आरोप भी सलेम पर ही है। सलीम के अलावा अब्दुल क़य्यूम पर भी संजय दत्त को हथियार पहुंचाने का आरोप है।

मोहम्मद ताहेर मर्चेंट पर धमाकों में शामिल कई आरोपियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने का आरोप था। रियाज़ सिद्दीकी पर आरोप है कि वो आरडीएक्स से भरी मारुति वैन चला कर गुजरात के भरुच इलाके में ले गए और वो गाड़ी अबू सालेम के हवाले कर दी।

पुलिस के मुताबिक फ़िरोज़ खान इस केस के मुख्य अभियुक्त मोहम्मद दोसा के क़रीबी हैं और उनपर हथियारों और धमाके का सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के आरोप हैं। करीमुल्लाह शाह पर भी यही आरोप हैं।

12 मार्च 1993 को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई मैं सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे जिसमें 257 लोग मारे गए थे और हज़ारों लोग घायल हुए थे। इन बम धमाकों से सिर्फ़ मुंबई ही नहीं बल्कि पूरा देश देहल गया था। पुलिस और सीबीआई के मुताबिक ये षडयंत्र अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन, मोहम्मद दोसा और उनके साथियों ने मिलकर रचा था।

189 में से 123 पर मुक़दमा चला और सितंबर 2006 में सौ लोगों को सज़ा सुनाई गई और 23 को बरी कर दिया गया. इस मामले में आज भी 27 अभियुक्त फ़रार हैं।

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