मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के एक आवासीय स्कूल की छात्राओं के कपड़े उतरवाने के आरोप में प्रधानाचार्या पर मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट डी के सिंह ने आज कहा कि आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से नुकसान पहुंचाने) और धारा 509 (महिला का मान भंग करने) के तहत प्रधानाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दे दिये गये हैं।
ये भी पढ़ें
अबुझी पहेली, यहां रोज सुबह में चिपक जाती है रेल की पटरियां.....
भागवत को राष्ट्रपति बनाने के लिये शरीफ ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी
‘बीजेपी के लिए यूपी में गाय मम्मी और नॉर्थ ईस्ट में यम्मी’
मुलायम का अखिलेश पर हमला, कहा जो बाप का नहीं हुआ वो किसी का नही होगा
सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट रेनू सिंह जांच का नेतृत्व करेंगी। गौरतलब है कि प्रधानाचार्या ने बृहस्पतिवार को जूनियर कक्षा की छात्राओं को कथित तौर पर धमकाया और मजबूरन कपड़े उतरवाये। प्रधानाचार्या कथित तौर पर माहवारी के खून के धब्बों की जांच कर रही थी। इनमें से एक छात्रा ने कहा, वहां कोई अध्यापक मौजूद नहीं था। हमें हॉस्टल से नीचे बुलाया गया। मैडम ने हमसे यह कहते हुये कपड़े उतरवाये कि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो वह हमारी पिटायी करेंगी। हम बच्चे है, हम क्या कर सकते थे? अगर हम उनकी बात नहीं मानते तो वह हमें पीटती।
बहरहाल, प्रधानाचार्या ने आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, किसी ने उनसे कपड़े उतारने के लिए नहीं कहा। यह कर्मचारियों का षडयंत्र है क्योंकि वे नहीं चाहते कि मैं यहां रहूं। मैंने यह जांच करने के लिए कहा था कि क्या कर्मचारी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। मैं सख्त मिजाज की हूं इसलिए वे मुझसे नफरत करते हैं।