नई दिल्ली: केंद्र सरकार जल्द ही एक ऐसा प्रस्ताव पेश करने वाली है जिसके तहत 1 घंटे की फ्लाइट के लिए यात्रियों को केवल 2500 रुपए का भुगतान करना होगा। इस किराए में सभी तरह के चार्जेज शामिल होंगे। अगले दो सप्ताह में इस बारे में फैसला ले लिया जाएगा। सरकार के पास नई राष्ट्रीय उड्डयन नीति शुक्रवार को भेज दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा ये प्रयास भारत में हवाई सफर की दशा और दिशा बदल कर रख देगा। नागरिक उड्डयन सचिव राजीव नयन चौबे ने बताया कि ये योजना दो हफ्तों में लागू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से प्रस्ताव तैयार है जिसे केंद्र को भेज दिया जाएगा।
इस योजना में कुल 22 चीजों का जिक्र है, इन सभी मुद्दों पर आम सहमति विकसित की गई है। सूत्रों ने बताया कि अंतर मंत्रालयी बैठक के दौरान घरेलू एयरलाइंस को विदेश में उड़ने, ओपन स्काई पॉलिसी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अगर कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है तो इससे टाटा ग्रुप द्वारा चलाई जा रही एयर एशिया इंडिया और विस्तारा जैसी एयर कंपनियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उड़ानों की अनुमति मिल जाएगी।
इससे पहले सदन के कई सदस्यों ने आसमान छूते हवाई किरायों पर फिक्र जताई थी। सरकार ने कहा कि वो इस मुद्दे पर एयरलाइंस के साथ बातचीत करेगी जिससे कि आपातकालीन स्थितियों में एयरलाइंस की ओर से मोटा किराया वसूले जाने पर रोक लगाई जा सके। वहीं नागरिक उड्डयन सचिव ने कहा कि ओपन स्काई पॉलिसी में किसी भी तरह के बदलाव से दूसरे देशों के साथ एयर सर्विस एग्रीमेंट्स में भी बदलाव होगा।” भारत 109 देशों के साथ एयर सर्विस एग्रीमेंट्स पर साइन कर रखे हैं।