बुलंदशहर: मोदी सरकार 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने के ऐलान से आम लोग में बहुत अधिक प्रभाव पड़ा। मोदी सरकार से भष्ट्राचार, आतकवांद, काले धन को कम करने के लिए ये ऐलान किा। जिसे लोगों के बीच सराहना तो मिल रही है, वही दूसरी ओर लोग कई परेशानियों को झेल रहे है।
मोदी सरकार ने मंगलवार से ये ऐलान किया। उसी के दूसरे दिन एक निजी अस्पताल में इसलिए डेड बॉडी नहीं दे रहे थे, क्योंकि परिवार के पास 500 और 1000 के अलावा कोई नोट नहीं था। वह दूसरी ओर एक और खबर आई कि एक नवजात की इसलिए मौत हो गई, क्योंकि निजी अस्पताल में 1000 का नोट नहीं चला। प्रसूता के प्रसव में देरी होने के चलते नवजात की मौत हो गई।
खुर्जा के रहने वाले अभिषेक ने बताया कि वह अपनी पत्नी एकता की डिलीवरी के लिए कैलाश अस्पताल गया था। अस्पताल वालों ने उससे 10,000 रुपये जमा कराने के लिए कहा। जब वह पैसे लेकर काउंटर पर पहुंचा तो अस्पताल वालों ने 1000 रुपये का पुराना नोट देखकर पैसे लेने से मना कर दिया।
अभिषेक के मुताबिक, उसने अस्पताल वालों से मिन्नतें कीं, लेकिन अस्पताल वालों ने एक नहीं सुनी। दूसरा बंदोबस्त करने में उसे देरी हुई। तब तक उसकी पत्नी में दर्द से कराहती रही। डिलीवरी में देरी की वजह से उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई।
अस्पताल प्रबंधन ने अभिषेक के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि बच्ची गर्भ में पहले से मृत थी। साथ ही कहा कि निजी अस्पतालों को 1000 रुपये के पुराने नोट लेने का निर्देश नहीं दिया गया है।