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जंगल में आग: NGT ने उत्तराखंड और हिमाचल को भेजा कारण बताओ नोटिस

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 03, 2016 07:26 pm IST,  Updated : May 03, 2016 07:26 pm IST

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जंगलों में लगी आग के मुद्दे पर NGTने मंगलवार को कहा कि वह यह देखकर हैरान है कि सभी लोग इस मुद्दे को हल्के तरीके से ले रहा है।

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नई दिल्ली: हाल ही में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जंगलों में लगी आग के मुद्दे पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने मंगलवार को कहा कि वह यह देखकर हैरान है कि सभी लोग इस मुद्दे को हल्के तरीके से ले रहा है। NGT ने इस मामले पर दोनों राज्यों की सरकारों को नोटिस जारी किया है। NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से पूछा कि उसने हालात पर काबू पाने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

पीठ ने कहा, आपने (पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने) आग की बाबत क्या किया है? यह हमें चौंका रहा है। हर कोई इसे इतने हल्के में ले रहा है। इस सवाल के जवाब में मंत्रालय के वकील ने कहा कि संबंधित अधिकारियों की पूरी टीम इस मुद्दे पर काम कर रही है और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को भी आग बुझाने के अभियानों में तैनात किया गया है।

इस पर पीठ ने उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश सरकारों से पूछा, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आपने क्या तैयारियां की हैं? बहरहाल, पीठ ने इस मुद्दे पर दोनों राज्य सरकारों के वकीलों को निर्देश लेने को कहा। पीठ ने कहा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सरकारों को दोनों राज्यों के जंगलों में लगी आग के संदर्भ में कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। एनजीटी ने कहा कि संबंधित सचिव 10 मई को सुनवाई की अगली तारीख पर इस बाबत अपना हलफनामा दाखिल करेंगे।

पीठ ने उन्हें यह भी बताने को कहा है कि आग लगने की घटना से पहले उनकी ओर से कैसे एहतियाती कदम उठाए गए थे और वन प्रबंधन को लेकर उनकी क्या योजनाएं हैं। NGT ने कहा, हम आग लगने के कारणों के बारे में जानना चाहते हैं। एक एनजीओ की ओर से दाखिल अर्जी पर बहस की सुनवाई के दौरान NGT ने ये टिप्पणियां की।

हाल ही में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जंगलों में लगी आग के मुद्दे पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने मंगलवार को कहा कि वह यह देखकर हैरान है कि सभी लोग इस मुद्दे को हल्के तरीके से ले रहा है। NGT ने इस मामले पर दोनों राज्यों की सरकारों को नोटिस जारी किया है। NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से पूछा कि उसने हालात पर काबू पाने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

पीठ ने कहा, आपने (पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने) आग की बाबत क्या किया है? यह हमें चौंका रहा है। हर कोई इसे इतने हल्के में ले रहा है। इस सवाल के जवाब में मंत्रालय के वकील ने कहा कि संबंधित अधिकारियों की पूरी टीम इस मुद्दे पर काम कर रही है और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को भी आग बुझाने के अभियानों में तैनात किया गया है।

इस पर पीठ ने उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश सरकारों से पूछा, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आपने क्या तैयारियां की हैं? बहरहाल, पीठ ने इस मुद्दे पर दोनों राज्य सरकारों के वकीलों को निर्देश लेने को कहा। पीठ ने कहा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सरकारों को दोनों राज्यों के जंगलों में लगी आग के संदर्भ में कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। एनजीटी ने कहा कि संबंधित सचिव 10 मई को सुनवाई की अगली तारीख पर इस बाबत अपना हलफनामा दाखिल करेंगे।

पीठ ने उन्हें यह भी बताने को कहा है कि आग लगने की घटना से पहले उनकी ओर से कैसे एहतियाती कदम उठाए गए थे और वन प्रबंधन को लेकर उनकी क्या योजनाएं हैं। NGT ने कहा, हम आग लगने के कारणों के बारे में जानना चाहते हैं। एक एनजीओ की ओर से दाखिल अर्जी पर बहस की सुनवाई के दौरान NGT ने ये टिप्पणियां की।

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