श्रीनगर: पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से कहा कि जम्मू एवं कश्मीर को आर्थिक पैकेजों की नहीं, बल्कि राजनीतिक समाधान की जरूरत है। राजनाथ ने राज्य के अपने दौरे के दूसरे और अंतिम दिन एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। कश्मीर घाटी में भड़की अशांति में अबतक 45 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
उमर ने कहा कि उन्होंने राजनाथ सिंह से कहा कि कश्मीर बुनियादी तौर पर एक राजनीतिक समस्या है, "और जब तक हम यह स्वीकार नहीं कर लेते, तबतक हम इसका कोई समाधान नहीं पा सकते।" पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं ने राजनाथ से कहा है कि केंद्र सरकार को साहस जुटाना चाहिए और कश्मीर मुद्दे की वास्तविकता स्वीकार करनी चाहिए। उमर ने कहा कि उन्होंने गृहमंत्री से प्रदर्शकारियों पर गोलीबारी बंद करने और कर्फ्यू हटाने का अनुरोध किया।
उल्लेखनीय है कि आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एक मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से घाटी में कर्फ्यू लागू है। राजनाथ ने सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पीडीपी के एक प्रतिनिधिमंडल और कुछ अन्य नेताओं से भी मुलाकात की।
उन्होंने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, नौकरशाहों, पुलिस धिकारियों और राज्य व केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। राजनाथ रविवार शाम वापस नई दिल्ली लौट रहे हैं। अधिकारियों ने इससे पहले कश्मीर घाटी के 10 में से चार जिलों से कर्फ्यू हटा लिया है।