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शेयर बाजार में भी लगाया जा रहा था अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का पैसा, हुआ बड़ा खुलासा

 Reported By: Vishal Pratap Singh Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jul 10, 2026 10:33 am IST,  Updated : Jul 10, 2026 10:52 am IST

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों ने दान के पैसों को शेयर मार्केट में भी लगाया। सूत्रों के मुताबिक, यह बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी इसके लिए पैसे को अपने जानकारों और रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट्स में जमा करवाते थे।

Ayodhya Ram Mandir donation theft- India TV Hindi
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के पैसे के इस्तेमाल पर बड़ा खुलासा। Image Source : ANI (फाइल फोटो)

अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावा की चोरी के आरोपी शेयर बाजार में भी पैसा लगाते थे। सूत्रों के हवाले से ये बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी, चढ़ावा चोरी के इन पैसों को पहले जानकारों और रिश्तेदारों के अकाउंट में कैश के रूप में जमा किया जाता था। फिर ये उसी पैसों को अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाते थे ताकि पैसों का सोर्स छुप जाए और पैसा नंबर 1 में दिखाया जा सके।

पुलिस ने फ्रीज किए आरोपियों के कई रिश्तेदारों के अकाउंट

इसी को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के रिश्तेदार और दोस्तों के करीब 2 दर्जन अकाउंट को फ्रीज करवाया है। तीनों आरोपी पूछताछ के बाद जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस को शक है कि कुछ लोकल सर्राफ इन सबका चोरी वाला सोना गलाते थे, इस लिहाज से भी पुलिस की जांच जारी है।

आरोपी की निशानदेही पर कैश, सोने की चेन और कार बरामद

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी, नोटों की गिनती से पहले ही नोटों को छिपा लेते थे। आरोपी अनुकल्प, लवकुश और करुणेश की निशानदेही पर पुलिस ने कैश, सोने की चेन, मोबाइल और कार बरामद की और उसे जब्त कर लिया।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला मामला क्या है?

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए चढ़ावे और दान में चोरी का गंभीर मामला जून, 2026 में पहली बार सामने आया। आरोप के मुताबिक, राम मंदिर में लगे दानपात्रों से चढ़ावे की धनराशि को गायब किया जा रहा था। इस मामले में 8 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के 8 किरदार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का आरोपी टिन्नू यादव, चंपत राय के निजी ड्राइवर था। वहीं, आरोपी अनुकल्प मिश्रा, आउटसोर्सिंग का कर्मचारी था। इसके अलावा, लवकुश मिश्रा ऑटोमोबाइल मैकेनिक था। अविनाश शुक्ला एक प्राइमरी स्कूल का टीचर था, वह भी आरोपी है। साथ ही, संविदा कर्मचारी रामशंकर मिश्रा के पास कैश संभालने की जिम्मेदारी थी। वहीं, मनीष यादव के पास हाउसकीपिंग का काम था। करुणेश पांडेय भी चंदा गिनने का संविदा कर्मचारी था। वहीं, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव एक रिटायर्ड कर्मचारी था जो चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी है।

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