जम्मू: पाकिस्तानी सैनिकों ने आज लगातार दूसरे दिन राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास के इलाकों में गोलाबारी की जिससे 10 हजार लोग प्रभावित हुए हैं और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले 1100 लोगों को वहां से निकाला गया। पाकिस्तानी सेना ने कल नौशेरा इलाके में स्थित नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम चौकियों पर और असैन्य इलाकों में मोर्टार दागे थे। कल के हमले में दो नागरिक मारे गए थे और तीन लोग घायल हो गए थे। केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने आज कहा कि जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के संघर्षविराम उल्लंघन के खिलाफ सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। (कश्मीरी अलगाववादियों ने हिजबुल विवाद पर दी प्रतिक्रिया, एकजुटता की अपील की)
उन्होंने आज यहां संवाददाताओं से कहा, पाकिस्तान जो कुछ कर रहा है, वह हर कोई जानता है। उसका न सिर्फ अभी शत्रुतापूर्ण रूख है बल्कि वह पिछले 70 साल से ऐसा कर रहा है। लेकिन अब यह अंतर है कि जिस तरह की जवाबी कार्रवाई भारत की ओर से की जा रही है वैसी दशकों से नहीं दिखी है और सीमा पर रह रहे लोग इस बात के गवाह हैं। एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, पाकिस्तानी सेना ने राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास सुबह छह बजकर 45 मिनट से एक बार फिर छोटे हथियारों, 82 मिमी और 120 मिमी मोर्टारों से अंधाधुंध गोलाबरी शुरू की है।
उन्होंने कहा, भारतीय सेना की चौकियां प्रभावी और मजबूत ढंग से जवाब दे रही हैं। गोलीबारी जारी है। राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर पिछले दो दिनों से गोलीबारी हो रही है। राजौरी के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि राजौरी के चिटीबकरी इलाके में संघर्ष विराम के ताजा उल्लंघन की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, राजौरी के मंजाकोटे इलाके में भारी गोलीबारी सुबह छह बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई। सात से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं।
चौधरी ने कहा कि कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। नौशेरा सेक्टर के 51 स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया है जबकि मंजाकोट और डूंगी क्षेत्रों के 36 स्कूलों को तीन दिन के लिए बंद किया गया है। 87 स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 4600 है।