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निर्वाचन आयोग की बैठक में उठा ईवीएम का मुद्दा, वोटिंग के बाद विजिबिलिटी बढ़ाने की मांग

Edited by: India TV News Desk Published : Aug 27, 2018 09:27 am IST, Updated : Aug 27, 2018 01:36 pm IST

विपक्षी पार्टियों और निर्वाचन आयोग के बीच सोमवार को प्रस्तावित बैठक में अधिकतर पार्टियां आगामी चुनावों में बैलेट पेपर की वकालत करेंगी।

निर्वाचन आयोग, बैलेट पेपर- India TV Hindi
निर्वाचन आयोग की बैठक आज, आगामी चुनावों में विपक्षी पार्टियां करेंगी बैलेट पेपर की वकालत

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने सोमवार को सात राष्ट्रीय और 51 राज्य स्तरीय पार्टियों को चुनाव संबंधी मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक में आमंत्रित किया था। इसमें मतदाता सूची, राजनीतिक दलों का खर्च और वार्षिक अंकेक्षित रिपोर्ट समय पर दाखिल करने सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा बैठक के दौरान ईवीएम का मुद्दा कई राजनीतिक दलों ने उठाया।

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कांग्रेस ने मांग करते हुए कहा कि चुनाव में करीब 30 फीसदी वीवीपैट का इस्तेमाल हो, जबकि AAP ने 20 फीसदी की मांग रखी। इसके अलावा कांग्रेस ने कहा कि स्क्रीन पर वोटिंग के बाद विजिबिलिटी बढ़ाई जाए। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए, इसपर कई दलों ने कहा कि क्योंकि चुनाव में सिर्फ 6 महीने का वक्त बचा है इसलिए इसकी संभावना कम ही है।

राजग के घटक दल शिवसेना सहित 17 राजनीतिक दलों ने बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने पर जोर दिया है। इन पार्टियों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बसपा, जद(एस), तेलुगू देशम पार्टी, राकांपा, सपा, माकपा, राजद, द्रमुक, भाकपा, वाईएसआर कांग्रेस, केरल कांग्रेस मणि और एआईयूडीएफ शामिल हैं। 

विपक्षी पार्टी के एक नेता ने कहा, हम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए मतपत्र पर जोर देंगे। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि ईवीएम टेंपर प्रूफ नहीं है। उन्होंने कहा, "हम साथ ही यह मुद्दा भी उठाएंगे कि चुनाव खर्च उम्मीदवार के साथ ही राजनीतिक दलों का भी निर्धारित होना चाहिए। निर्वाचन आयोग की इस बैठक में हालांकि एजेंडे में केंद्र और राज्य में एकसाथ चुनाव कराने के मुद्दे को शामिल नहीं किया गया है। अधिकतर विपक्षी पार्टियों ने विधि अयोग के समक्ष कहा है कि यह व्यावहारिक नहीं है।

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