मुंबई: विदेश सचिव एस जयशंकर ने आज कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद का कारखाना बंद करने की जरूरत है और इसको लेकर वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता व्याप्त है। उन्होंने कहा कि भारत ने दक्षेस नहीं छोड़ा है लेकिन क्षेत्रीय एकता के लिए वह अन्य अवसरों की तलाश कर रहा है क्योंकि दक्षेस अब फंस गया है।
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चीन के साथ संबंधों के बारे में जयशंकर ने कहा, इससे मुद्दों को टालने में मदद नहीं मिली। विदेश सचिव ने स्वीकार किया कि रिश्ते को बेहतर तरीके से संभालने के लिए अधिक निवेश की जरूरत है। विदेश मंत्रालय की सह-मेजबानी में आयोजित गेटवे डायलॉग कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक बदलाव और आर्थिक अनिश्चितताएं विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने यह बात कही।
उन्होंने कहा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गलत चित्रण को लेकर भी आगाह किया। जयशंकर ने कहा, ट्रंप का गलत चित्रण, विश्लेषण मत कीजिए। वह एक विचार प्रक्रिया को दिखलाते हैं। यह क्षणिक अभिव्यक्ति नहीं है।
ट्रंप अपने विवादित आप्रवासन नीति को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि हो सकता है कि पश्चिमी देश पाकिस्तान और आतंकवाद की समस्याओं को लेकर खुलकर बात नहीं कर रहे हों लेकिन वे इससे चिंतित हैं।