भारत में विशेषकर पर्यटन स्थलों में एडवेंचर से जुड़े खेलों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। पैराग्लाइडिंग से लेकर बंजी जंपिंग, रिवर राफ्टिंग और जिपलाइनिंग तक, ये खेल उन लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए हैं जो अपनी यात्रा में कुछ नया आजमाना चाहते हैं। हालांकि, कुछ दुर्घटनाओं ने अक्सर इस क्षेत्र में कम प्रशिक्षित संचालकों और नियमों के अभाव को लेकर चिंताएं भी पैदा की हैं। X पर वायरल हुए एक वीडियो ने भारत में इस तरह के खेलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। पहाड़ी क्षेत्र में फिल्माए गए इस वीडियो में एक लड़का और ऑपरेटर पहाड़ी से उड़ान भरने की कोशिश करते दिख रहे हैं। कई लोग पैराग्लाइडर तैयार कर रहे थे, लेकिन हवा की वजह से वे ठीक से उड़ान नहीं भर पाए और झाड़ियों वाले इलाके के पास गिर गए।
एक्स पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @iNikhilsaini नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसके कैप्शन में लिखा गया कि, 'भारत में साहसिक गतिविधियां कभी न करें। यह सबसे अनियंत्रित क्षेत्रों में से एक है जहाँ लगभग कोई भी साहसिक खेल व्यवसाय शुरू कर सकता है और इस पर कोई निगरानी नहीं रखी जाती। बस इस वीडियो को देखिए। मौसम, उड़ान भरने का स्थान, सब कुछ स्पष्ट था कि परिणाम क्या होने वाला था, फिर भी वे आगे बढ़ गए। जब तक कुछ बहुत गलत नहीं हो जाता, लोगों को परवाह नहीं होती।'
यूजर्स ने उठाए सवाल
देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और कई लोगों ने दुनिया भर में एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर इसी तरह की चिंताओं को व्यक्त किया, जबकि अन्य लोगों ने सवाल उठाया कि क्या अधिकारी ग्राहकों को भाग लेने की अनुमति देने से पहले ऐसे ऑपरेटरों को विनियमित कर रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा कि, 'मैंने यही बात खुलकर कही है। ये अनियंत्रित क्षेत्र हैं जहां पैसा कमाना ही सर्वोपरि है। जब तक कोई दुर्घटना न हो, तब तक सब कुछ जायज़ है। कोई सुरक्षा नियम नहीं हैं, कोई जाँच-पड़ताल नहीं है। यह एक खुला मैदान है। ग्लाइडिंग की कुछ बुनियादी जानकारी रखने वाला कोई भी व्यक्ति विशेषज्ञ बनकर शुरुआत कर सकता है।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'मुझे खुद एक अप्रिय अनुभव हुआ, जिसके बाद मैंने फैसला किया कि बस अब और नहीं।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'आप भारत की बात क्यों कर रहे हैं? ऐसा तो हर देश में होता है। क्या आपने हाल ही में मेक्सिको में जो हुआ वह नहीं देखा? एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी कोई चीज नहीं होती। बस इसे मत करो।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'इसे पैराग्लाइडिंग के लिए उपयुक्त लॉन्च साइट कैसे माना जा सकता है? मैं समझ सकता हूं कि एक अनुभवी एकल पायलट ऐसे इलाके का उपयोग कर सकता है, लेकिन आप एक अनुभवहीन यात्री से टेकऑफ़ से पहले इतनी ऊबड़-खाबड़, वनस्पति से ढकी ढलान पर नीचे की ओर दौड़ने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?'
पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'पूरी तरह सहमत हूं। सुरक्षा मानकों का कोई नामोनिशान नहीं, जवाबदेही का भी कोई नामोनिशान नहीं। मनाली में कितने पैराग्लाइडिंग हादसे होंगे, तब जाकर कोई इस पर ध्यान देगा?'
वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, 'मुझे इस तरह की गतिविधियों को न आजमाने के लिए कायर कहे जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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