नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में लोगों से स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग और लोकल मार्केट को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा, "कोरोना संकट ने हमें स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, लोकल मार्केट का महत्व समझा दिया है। समय ने हमें सिखाया है कि लोकल को हमें अपना जीवन मंत्र बनाना ही होगा। आपको आज जो ग्लोबल ब्रांड लगते हैं, वह भी कभी लोकल थे। लेकिन, लोगों ने जब उनका इस्तेमाल बढ़ाया, तो वे लोकल से ग्लोबल बने गए।"
पीएम मोदी ने कहा कि, "इसलिए आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए 'वोकल' बनना है। न सिर्फ लोकल प्रोडक्ट खरीदने हैं बल्कि उनका प्रचार भी करना है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश ऐसा कर सकता है।" इसी बीच पीएम मोदी ने आर्थिक पैकेज का ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा, "कोरोना संकट का सामना करते हुए, नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। ये आर्थिक पैकेज, 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।"
पीएम मोदी ने कहा, "हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे, और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है। ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है।" उन्होंने कहा, "इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा। 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत की ये भव्य इमारत 5 पिलर्स पर खड़ी है, पहला पिलर अर्थव्यवस्था है, दूसरा स्तंभ इंफ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचना बने। तीसरा पिलर हमारा सिस्टम है, एक ऐसा सिस्टम जो 21वीं सदी के सपनों को साकार करने वाली टेक्नोलॉजी व्यवस्थाओं पर आधारित हो।
आगे उन्होंने बताया, चौथा पिलर हमारी डेमोग्राफी, दुनिया की सबसे बड़ी डमोक्रेसी हमारी ताकत है, आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्त्रोत है। पांचवां पिलर डिमांड, हमारी अर्थव्यवस्था में डिमांड और सप्लाई चेन का जो चक्र है उसे पूरी क्षमता से इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।