पटना: बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी है, जिससे मरीज परेशान हैं। पीएमसीएच के एक अधिकारी के अनुसार, हड़ताल की वजह से अब तक पांच बच्चों सहित कुल आठ मरीजों की मौत हो चुकी है, वहीं इलाज के अभाव में सैकड़ों मरीज निजी क्लीनिक और नर्सिग होम का रुख कर चुके हैं।
रविवार को पीएमसीएच इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों के साथ एक मरीज के परिजनों की मारपीट के बाद से सभी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) अपने साथ हुई मारपीट के लिए पीएमसीएच के प्राचार्य को दोषी ठहराते हुए उन्हें हटाए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।
राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने जूनियर डॉक्टरों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की है। लेकिन तेजस्वी की अपील का डॉक्टरों पर कोई असर नहीं दिखा और जूनियर डॉक्टरों ने घूम-घूम वार्डो में काम बंद कराया।
जेडीए के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ़ अशोक कुमार ने कहा कि बार-बार पीएमसीएच में सुरक्षा पुख्ता करने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अधिकारी बाद में भूल जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएमसीएच के जेडीए के समर्थन में राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर भी हड़ताल पर हैं।
गौरतलब है कि मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने जेडीए के डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के साथ अलग-अलग बातचीत की थी, लेकिन जेडीए के साथ बातचीत विफल रही।