1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. चिट्ठी ही नहीं त्यौहारों के दौरान डाकिये सस्ती दाल भी घर पहुंचाएंगे

चिट्ठी ही नहीं त्यौहारों के दौरान डाकिये सस्ती दाल भी घर पहुंचाएंगे

 Written By: Bhasha
 Published : Oct 14, 2016 08:28 pm IST,  Updated : Oct 14, 2016 08:28 pm IST

नई दिल्ली: डाकघरों से सस्ते पोस्टकार्ड, लिफाफे से दूर संदेश भेजने की सुविधा को लोगों को मिलती ही थी लेकिन अब डाकघरों से लोगों को सस्ती दालें भी मिला करेंगी। प्रदेश में सरकार के बिक्री

pulses- India TV Hindi
pulses

नई दिल्ली: डाकघरों से सस्ते पोस्टकार्ड, लिफाफे से दूर संदेश भेजने की सुविधा को लोगों को मिलती ही थी लेकिन अब डाकघरों से लोगों को सस्ती दालें भी मिला करेंगी। प्रदेश में सरकार के बिक्री केन्द्रों की कमी को देखते हुए केन्द्र सरकार देश भर में सब्सिडीप्राप्त दलहनों की बिक्री डाकघरों के विशाल नेटवर्क के जरिये करेगी।

(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)

इन दलहनों में तुअर, उड़द और चना के दाल शामिल होंगे और सरकार का मकसद चालू त्यौहारों के दौरान इन दालों की उपलब्धता को सुनिश्चित कराना है। उपभोक्ता मामला विभाग के सचिव हेम पांडे की अगुवाई वाले अंतर मंत्रालयीय समिति की आज यहां हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में खाद्य, उपभोक्ता मामला विभाग, कृषि, वाणिज्य एवं वित्त मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। इसमें सरकारी उपक्रम एमएमटीसी और नाफेड के भी अधिकारीगण थे।

उपभोक्ता मामला मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बैठक के बाद बताया, चूंकि राज्यों में सरकार के बिक्री केन्द्र अधिक नहीं हैं, हमने अपने बफर स्टॉक से सब्सिडीप्राप्त दलहनों के वितरण के लिए डाकघरों के संजाल (नेटवर्क) का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके कारण चालू त्यौहारों के दौरान आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा।

चना दाल की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश लगाने के प्रयास के तहत उक्त समिति ने खुदरा वितरण के लिए सरकारी एजेंसियों को अधिक स्टॉक जारी करने का फैसला किया है। देश में करीब 1.54 लाख डाकघर हैं जिसमें से 1.39 डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। सरकार ग्राहकों को अधिक कीमत की मार से बचाने के लिए सस्ते दर पर खुदरा वितरण करने के लिए नाफेड और मदर डेयरी जैसी सरकारी एजेंसियों के साथ साथ राज्य सरकारों को पिछले कई महीनों से अपने बफर स्टॉक से तुअर और उड़द दाल जारी करती रही है।

सरकार ने इस वर्ष 20 लाख टन का बफर स्टॉक निर्मित करने का लक्ष्य किया है और इसके लिए घरेलू बाजार में सीधे किसानों से दलहनों की खरीद की जा रही है और इसका आयात भी किया जा रहा है। अलग से दिए एक बयान में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा कि समिति ने दलहनों, चीनी और अन्य आवश्यक जिंसों के कीमतों की समीक्षा की। इसमें कहा गया, ऐसा पाया गया कि हाल के हफ्तों में दलहनों की कीमतों में गिरावट का रख है। कुछ अन्य जिंसों की कीमतें स्थिर हैं।

समिति ने सरकारी एजेंसियों एफसीआई और नाफेड द्वारा खरीफ दलहनों की खरीद की व्यवस्था की भी समीक्षा की। सरकार ने मौजूदा खरीफ दलहनों के लिए 50,000 टन दलहन खरीद का लक्ष्य रखा है। अभी तक 500 क्रय केन्द्र खोले गये हैं और किसानों को चेक के द्वारा या बैंक के जरिये धन अंतरण के जरिये तत्काल भुगतान किया जा रहा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत