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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक, शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना जारी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 12, 2020 05:51 pm IST,  Updated : Aug 12, 2020 05:55 pm IST

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक, शीघ्र स्वस्थ होने के लिए गृहनगर में प्रार्थना जारी - India TV Hindi
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक, शीघ्र स्वस्थ होने के लिए गृहनगर में प्रार्थना जारी  Image Source : FILE PHOTO

नयी दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘प्रणब मुखर्जी का स्वास्थ्य नाजुक बना हुआ है। इस समय उनकी हालत स्थिर है और वह वेंटिलेटर पर हैं।’’ प्रणब मुखर्जी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना उनके गृहनगर में जारी है।

सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने मंगलवार को बताया था कि प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक है और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है। इससे एक दिन पहले उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। मुखर्जी (84) को सोमवार की दोपहर को सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सर्जरी से पहले उनमें कोविड-19 की भी पुष्टि हुई थी। अस्पताल की ओर से मंगलवार को जारी नए मेडिकल बुलेटिन में कहा गया था, ‘‘पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है। खून का थक्का बनने के कारण सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति के मस्तिष्क की सर्जरी की गयी थी। उनकी हालत में कोई सुधार नजर नहीं आया है और स्थिति नाजुक बनी हुई है । 

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले स्थित उनके गृहनगर किरनाहर में बुधवार को प्रार्थनाओं का सिलसिला जारी है। नयी दिल्ली के एक अस्पताल में मस्तिष्क की सर्जरी होने के बाद से मुखर्जी (84) की हालत नाजुक है। सर्जरी के पहले ही उनमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। वह फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं। 

मुखर्जी के गृहनगर के लोगों ने उनके स्वस्थ होने के लिए मंगलवार को जन्माष्टमी पर 72 घंटे का ‘यज्ञ’ शुरू किया था। किरनाहर से कुछ किलोमीटर दूर मुखर्जी के पुश्तैनी गांव मिरिति में उनके परिजन ने भी पूजा अर्चना की। केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रपति रहते हुए मुखर्जी प्रतिवर्ष दुर्गा पूजा के अवसर पर अपने गांव आते थे। (इनपुट-भाषा)

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