नई दिल्ली: हिजबुल मुजाहिद्दीन के शीर्ष कमांडर के मारे जाने और जम्मू-कश्मीर में हो रहे प्रदर्शन को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज स्थिति की समीक्षा की और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की और केंद्र की तरफ से उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि आधे घंटे की बैठक के दौरान गृह मंत्री को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी के कानून व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया गया। श्रीनगर से 83 किलोमीटर दूर कोकरनाग इलाके में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में वानी को मार गिराया था। कल उन्होंने महबूबा को फोन किया था और उन्हें केंद्र की तरफ से सहायता का आश्वासन दिया था।
बैठक में गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनिश्चित किया जाए कि कश्मीर में अर्द्धसैनिक बल राज्य सरकार को शांति बहाल करने में यथाशीघ्र हरसंभव सहयोग करे। अधिकारी ने कहा कि श्रीनगर में फंसे अमरनाथ यात्रियों को सुरक्षा के घेरे में बाहर लाया गया और यात्रा पर रवाना किया गया। जो लोग उंचाई वाले इलाकों में फंसे थे उन्हें वापस लाया गया।
गृह मंत्री ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर राज्य में अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों को भेजा जाना चाहिए। केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि घाटी में स्थिति नियंत्रण में है। बैठक में महर्षि, गृह मंत्रालय, अर्द्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। गृह मंत्री ने कल राज्य के लोगों से अपील की थी कि शांत रहें और शांति बनाए रखें।
हिजबुल के पोस्टर ब्वॉय बुरहान वानी के मारे जाने से राज्य में आतंकवाद को बड़ा झटका लगा है।