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केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव सहित 7 को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

 Written By: Bhasha
 Published : Jul 10, 2016 08:42 pm IST,  Updated : Jul 10, 2016 08:42 pm IST

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार और 6 अन्य लोगों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन लोगों को कथित भ्रष्टाचार

rajendra kumar- India TV Hindi
rajendra kumar

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार और 6 अन्य लोगों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन लोगों को कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एस गुप्ता ने यह आदेश जारी किया।

इस मामले में कुमार के अलावा केजरीवाल के कार्यालय में उप सचिव तरूण शर्मा, कुमार के करीबी सहयोगी अशोक कुमार और एक निजी कंपनी के मालिकों संदीप कुमार और दिनेश कुमार गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कुमार 1989 बैच के यूटी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।

अदालत ने एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) के मौजूदा प्रबंध निदेशक आर एस कौशिक और उनके पूर्ववर्ती जी के नंदा को भी कल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके साथ ही अदालत ने सभी सात आरोपियों को कल विशेष सीबीआई अदालत में पेश करने को कहा जो उन्हें पुलिस रिमांड में सौंपने की एजेंसी की याचिका पर विचार करेगी।

सीबीआई ने अदालत में आरोप लगाया है कि कुमार एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और वह गवाहों को धमकी दे रहे थे। सीबीआई के अनुसार पहले गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों ने 50 करोड़ रूपए के सरकारी ठेके देने में निजी कंपनी एंडेवर सिस्टम्स प्रा. लि. को कथित रूप से अनुचित लाभ दिया था। इस कंपनी को कथित तौर पर कुमार ने बनायी थी।

सीबीआई ने पिछले साल दिसंबर में कुमार और अन्य के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था तथा आरोप लगाया था कि अधिकारी ने पिछले कुछ सालों में दिल्ली सरकार के विभागों के ठेके एक खास कंपनी को दिलाने के लिए अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरूपयोग किया।

दिल्ली सरकार के उपक्रम इंटेलिजेंट कम्युनिकंशन सिस्टम्स इंडिया लि. (आईसीएसआईएल) के मौजूदा प्रबंध निदेशक कौशिक और उनके पूर्ववर्ती नंदा को गिरफ्तार किया गया था क्योंकि वे कथित तौर पर पूछताछ के दौरान टालमटोल कर रहे थे। यह कंपनी टेलीकम्युनिकेशन कंसल्टेंट्स इंडिया लि. (टीसीआईएल) और दिल्ली स्टेट इंडस्टि्रयल एंड इंफ्रास्क्टचर डेवलपमेंट का संयुक्त उपक्रम है।

सीबीआई ने यह भी दावा किया है कि दोनों उन कुछ अधिकारियों को धमकी दे रहे थे जिन्हें सीबीआई ने मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने पहले गिरफ्तार किए गए पांच लोगों की पुलिस रिमांड की अवधि और तीन दिनों के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही सीबीआई ने कल गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को भी तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का एक अन्य याचिका के जरिए अनुरोध किया।

अपने आवेदन में सीबीआई ने दलील दी कि उन्हें हिरासत में दिए जाने की जरूरत है क्योंकि वह आरोपियों को पहले गिरफ्तार किए गए लोगों के सामने बिठाकर पूछताछ करना चाहती है। दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारी की गिफ्तारी के बाद राजनीतिक तूफान पैदा हो गया था और दिल्ली सरकार ने केंद्र पर राजनीतिक प्रतिशोध में लिप्त रहने और शासन को पंगु बनाने का आरोप लगाया था।

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