नई दिल्ली: कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में दी गई मौत की सजा के खिलाफ इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में भारत की तरफ से पैरवी कर रहे जाने-माने वकील हरीश साल्वे ने देश का पक्ष रखा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के नामी वकीलों में शुमार हरीश साल्वे इस केस की कितनी फीस ले रहे हैं। (ये भी पढ़ें: भारत बना विश्व का चौथा शक्तिशाली देश, ये है इसकी सबसे बड़ी ताकत....)
ट्विटर पर सोमवार को कूलभूषण जाधव के साथ साथ हरीश साल्वे का नाम भी ट्रेंड करता रहा। लोग हरीश साल्वे की फीस को लेकर तरह-तरह के ट्वीट करते रहे। कुछ ने कहा कि इस काम के लिए भारत ने उन्हें करोड़ों की फीस दी है। विदेशमंत्री सुषमा स्वराज को भी मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने बताया कि साल्वे ने इस काम के लिए कितनी फीस ली।
इसकी जानकारी देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि साल्वे ने जाधव का केस लड़ने वाली वकीलों की टीम का नेतृत्व करने के लिए मात्र 1 रुपया फीस ली है। उन्होंने यह सफाई किसी संजीव गोयल के ट्वीट के जवाब में दी। गोयल ने कहा था कि साल्वे ने जितनी फीस चार्ज की होगी, उससे बहुत कम में भारत अच्छा वकील पा सकता था।
उल्लेखनीय है कि साल्वे देश के नामचीन वकीलों में शुमार हैं। उनकी एक पेशी की फीस 6 से 15 लाख रुपए तक बताई जाती है। उनके दादा पीके साल्वे भी देश के ख्यात वकील थे। पिता एनकेपी साल्वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री रहे थे।
गौरतलब है कि हेग स्थित आईसीजे में भारत की ओर से हरीश साल्वे ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करने के लिए कई तर्क पेश किए और कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय और बुनियादी कानूनों की धज्जियां उड़ा दीं।
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