नई दिल्ली: इसमें कोई शक नहीं 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने का फैसला हर तरह से हिंदुस्तान को मजबूत बनानेवाला है। लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि दो चार दिन के लिए ही सही, इस फैसले ने लाखों लोगों को मुसीबत में भी डाल दिया है। जहां शादी के ठुमके लग रहे थे वहां चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगी है। जहां बांटे जा रहे शगुन के कार्ड बांटे जा रहे थे वहां आंखों से आंसू छलकने लगे।
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एक फैसला आया और महज 24 घंटे के अंदर करोड़ों लोगों की जिंदगी 180 डिग्री घूम गई। 500 और 1000 के नोट बंद होने के हजार फायदे हो सकते हैं लेकिन इस समय की हक़ीक़त ये घटनाएं बयान कर रही हैं। ये घटनाएं बताती हैं कि क्या होता है जब अचानक हाथ का कैश खाक में तब्दील हो जाता है। क्या होता है जब पर्स में रखा पैसा कागज का टुकड़ा बन जाता है।
अब कैसे होगी शादी ?
दिल्ली के भार्गव परिवार में ढोलक की ताल पर घर की बुजुर्ग महिलाएं नाच रही थी और नोट न्योछावर किए जा रहे थे। लेकिन ये जश्न ज्यादा देर तक नहीं चल सका। जैसे ही 500 और 1000 के नोट बंद करने की खबर मिली ढोलक की थाप थम गई और चेहरों पर तमाम सवाल तैरने लगे। सिर्फ दो दिन बाद यानी 11 नवंबर को बेटी की शादी होनी है सारी तैयारियां आखिरी दौर में हैं। कार्ड बंट चुके हैं, हलवाई को बुला लिया गया है और मेहमान आ चुके हैं लेकिन अब हर एक कदम पर अड़चन नजर आ रही है।
शादी के लिए निकालकर रखा हुआ कैश बेकार हो गया है। बैंक बंद है और एटीएम काम नहीं कर रहे। भार्गव परिवार को समझ में नहीं आ रहा कि आखिर बिटिया की शादी होगी तो कैसे होगी?
कैसे जाएगी बारात ?
गाजियाबाद में रहनेवाले पेशे से वकील गिरीश शर्मा का डॉक्टर बेटे की कल ही शादी है। लड़के की बारात गाजियाबाद से पिलखुआ जानी है। जाहिर है कदम कदम पर पैसे खर्च होने हैं। 500 और 1000 का नोट बेकार होने के बाद सब कुछ कैसे मैनेज होगा।
देखिए वीडियो-
कहीं टूट न जाए शादी !
दिल्ली के आनंद पर्वत की बरखा की शादी 24 नवम्बर को होनी है। 20 तारीख को सगाई है ऐसे में हज़ार और पांच सौ के नोट बन्द कर देने का फैसला कहर बन कर टूटा है। जिसे सबसे ज्यादा खुश होना चाहिए था वो दुल्हन गम में डूबी है। डर है कि कैश निकालने में तमाम पाबंदियों के बीच शादी कैसे होगी। पैसे के बिना कहीं लड़केवालों ने शादी तोड़ने की बात कर दी तो क्या होगा। ये परिवार इतना तो मान रहा है कि सरकार ने फैसला ठीक लिया है शिकायत बस इतनी है कि सब कुछ अचानक हो गया थोड़ा तो वक्त देना चाहिए था।