1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ट्विटर इंडिया के पूर्व एमडी मनीष माहेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, यूपी सरकार ने दाखिल की थी याचिका

ट्विटर इंडिया के पूर्व एमडी मनीष माहेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, यूपी सरकार ने दाखिल की थी याचिका

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 22, 2021 12:52 pm IST,  Updated : Oct 22, 2021 01:04 pm IST

यूपी सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मनीष माहेश्वरी को नोटिस जारी किया है।

ट्विटर इंडिया के पूर्व एमडी मनीष माहेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, यूपी सरकार ने दाखिल की थी याचि- India TV Hindi
ट्विटर इंडिया के पूर्व एमडी मनीष माहेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, यूपी सरकार ने दाखिल की थी याचिका Image Source : PTI

नई दिल्ली: ट्विटर इंडिया के पूर्व एमडी मनीष माहेश्वरी की मुश्किलें अब कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यूपी सरकार की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी किया है। दरअसल एक सांप्रदायिक तौर पर संवेदनशील वीडियो अपलोड होने के मामले में यूपी सरकार ने मनीष माहेश्वरी को नोटिस जारी किया था लेकिन मनीष ने इसके खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की थी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में राहत देते हुए पेशी से छूट दे दी। यूपी सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मनीष माहेश्वरी को नोटिस जारी किया है। 

दरअसल, गाजियाबाद में एक वृद्ध का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद एमडी के खिलाफ लोनी में FIR दर्ज हुई थी और उन्हें पुलिस ने नोटिस जारी किया था। नोटिस में गाजियाबाद पुलिस द्वारा कहा गया कि 'ट्विटर पर जो भी गतिविधियां हो रही हैं, उसके लिए आप जिम्मेदार हैं।' गाजियाबाद पुलिस ने नोटिस में कहा कि 'हिदायत देने के बाद भी आप ट्वीट्स को नहीं हटा पाए। भारतीय कानून को आप समझते हैं और यह मानने के लिए बाध्य हैं।'

इसके खिलाफ मनीष ने कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की थी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मनीष माहेश्वरी को बड़ी राहत देते हुए यूपी पुलिस के उस नोटिस को रद्द कर दिया था, जिसमें उनको जांच के लिए बुलाया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि सेक्शन 41 ए के तहत नोटिस का भेजा जाना ऐसा लगता है कि किसी दुर्भावनापूर्ण से ये भेजा गया है. सेक्शन 160 के तहत नोटिस भेजा जाना चाहिए। यूपी पुलिस हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई और सुप्रीम कोर्ट ने मनीष माहेश्वरी को नोटिस जारी किया है। 

आपको बता दें कि गाजियाबाद पुलिस ने 15 जून को एक वीडियो पोस्ट को लेकर मामला दर्ज किया था, जिसमें अब्दुल समद सैफी नाम के बुजुर्ग व्यक्ति ने दावा किया कि पांच जून को गाजियाबाद के लोनी इलाके में कुछ लोगों ने उन्हें पीटा और ‘‘जय श्री राम’’ बोलने के लिए मजबूर किया। पुलिस ने दावा किया है कि साम्प्रदायिक अशांति पैदा करने के लिए यह वीडियो साझा किया गया था। 

पुलिस ने कहा है कि यह घटना ‘तावीज’ से जुड़े एक विवाद का नतीजा थी, जो बुजुर्ग व्यक्ति अब्दुल समद सैफी ने कुछ लोगों को बेचा था और उसने मामले में किसी में किसी भी साम्प्रदायिक पहलू को खारिज कर दिया। सैफी बुलंदशहर जिले के रहने वाले हैं। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत