नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के दौरान एयर इंडिया द्वारा साल 2004 से 2008 के बीच विमान की खरीद तथा पट्टे पर लेने में हुए कथित घोटाले की जांच करने को कहा है। गैर सरकार संगठन (NGO) सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन (SPIL) ने निजी विमानन कंपनियों को सरकारी खर्च पर द्विपक्षीय मार्गो के आवंटन सहित कई आरोप लगाए हैं।
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जिस वक्त विमान को खरीदा गया तथा पट्टे पर लिया गया था, उस वक्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता प्रफुल्ल पटेल नागरिक उड्डयन मंत्री थे।चीफ जस्टिस जगदीश सिंह केहर, जस्टिस एनवी रमन्ना तथा जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर CBI जांच से याचिकाकर्ता संतुष्ट नहीं होता है, तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने उम्मीद जताई कि जांच एजेंसी जून 2017 तक जांच पूरी करने की समय सीमा का पालन करेगी।
याचिकाकर्ता संगठन सीपीआईएल के वकील ने न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की थी। लेकिन न्यायमूर्ति केहर ने कहा कि अगर वही (UPA) सरकार सत्ता में होती तो इसकी अहमियत समझी जा सकती थी। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, "जब सरकार अलग है, तो सत्ता में पार्टी भी अलग है। हमें अपनी जांच एजेंसी पर भरोसा करना चाहिए।"