इंदौर: पाकिस्तान से विस्थापित सिंधी हिंदुओं को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने यहां 12 से 15 जून तक शिविर लगाने का फैसला किया है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इस शिविर में वर्ष 1971 से 2009 तक की अवधि में पाकिस्तान से आए सिंधी हिंदुओं से भारतीय नागरिकता के आवेदन लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इन विस्थापितों से भारतीय नागरिकता के आवेदन लेने के लिए तीन श्रेणियां तय की गई हैं, ताकि इनके निबटारे में सुविधा हो। वर्ष 1971 से 1990 के बीच भारत आए सिंधी हिंदुओं को हरे रंग की अर्जी प्रस्तुत करनी होगी। इन अर्जियों का प्राथमिकता के आधार पर निबटारा किया जाएगा। वर्ष 1991 से 2000 के बीच की अवधि में भारत आए विस्थापितों को पीले रंग के आवेदन पत्र प्रस्तुत करने होंगे। वर्ष 2001 से 2009 के बीच भारत आए सिंधी हिंदुओं से सफेद रंग के आवेदन लिए जाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि 12 और 13 जून को स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। इसके बाद 14 और 15 जून को केंद्र सरकार के गृह विभाग के अफसर आवेदन लेकर आगामी कार्यवाही करेंगे। सिंधी हिंदुओं के संगठन अखिल भारतीय सिंधी समाज की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जेपी मूलचंदानी के अनुमान के मुताबिक फिलहाल मध्यप्रदेश में पाकिस्तान के करीब 35,000 सिंधी हिंदू शरणार्थी हैं, जो भारत की नागरिकता चाहते हैं। इनमें से करीब 15,000 शरणार्थी इंदौर और भोपाल में हैं। मूलचंदानी ने कहा कि भारतीय नागरिकता के अभाव में पाकिस्तानी शरणार्थी कई बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं।