नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष आतंकवादियों और भारतीय सुरक्षा बल के बीच मुठभेड़ की 97 वारदातों में कुल 146 आतंकवादी मारे गये। गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उच्च सदन को बताया कि ऐसी मुठभेड़ों में 60 सुरक्षाबल कर्मी मारे गये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष (दो दिसंबर तक) जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ की 97 वारदातों में 146 आतंकवादी मारे गये, 76 आतंकवादी अथवा संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया जबकि 60 सुरक्षा बल कर्मी मारे गये और 104 अन्य घायल हुए।
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मंत्री ने कहा कि ऐसी मुठभेड़ों में वर्ष 2015 में 102 आतंकवादी मारे गये और 67 को गिरफ्तार किया गया जबकि 39 सुरक्षा बल कर्मी मारे गये और 58 अन्य घायल हुए। वर्ष 2014 में 107 आतंकवादी मारे गये और 70 को गिरफ्तार किया गया जबकि 26 जवान मारे गये और 20 घायल हुए।
एक अन्य उत्तर में अहीर ने कहा कि मई 2014 से दिसंबर 2016 के बीच सुरक्षा बलों पर कुल 13 फिदायीन हमले हुए जिसमें 58 सुरक्षा बल कर्मी मारे गये। अहीर ने कहा कि इस वर्ष 13 दिसंबर तक सात फिदायीन हमले हुए जिसमें 39 सुरक्षा बल कर्मी मारे गये। जबकि वर्ष 2015 में ऐसे चार हमले हुए जिसमें पांच जवान मारे गये और वर्ष 2014 में ऐसे दो हमले हुए जिसमें 14 सुरक्षा कर्मियों ने अपनी कुर्बानी दी।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में नवंबर 2014 से वर्ष 2016 के बीच सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की छह वारदातें हुई जिसमें 22 आतंकवादी मारे गये। अहीर ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ के प्रयासों में तेजी आई है।
उन्होंने कहा, इस वर्ष अक्तूबर तक घुसपैठ के 276 प्रयासों में 109 आतंकवादी सफलतापूर्वक भारत में प्रवेश करने में सफल रहे। इनमें से 29 आतंकवादी मारे गये, 138 पाकिस्तान लौट गये और दो को गिरफ्तार किया गया।